बारां , अप्रैल 13 -- राजस्थान में बारां जिले के पूर्व मंत्री एवं अंता विधायक प्रमोद जैन भाया ने क्षेत्र में करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित वृहद पेयजल एवं एकल ग्राम पेयजल परियोजनाओं की बदहाल स्थिति पर गंभीर चिंता जताई है।

श्री भाया ने सोमवार को जिला प्रशासन को पत्र लिखकर बताया कि इन योजनाओं का लाभ आमजन तक नहीं पहुंच रहा, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि अंता, नागदा, बल्देवपुरा, सिंगोला, सायगढ़, सोनवा सहित कई गांवों में करोड़ों रुपये खर्च करके पेयजल योजनाएं बनायी गयीं, जिनका उद्देश्य प्रत्येक घर तक नल कनेक्शन के माध्यम से स्वच्छ पेयजल पहुंचाना था, लेकिन रख-रखाव की कमी, कमजोर देखरेख और लापरवाहीपूर्ण संचालन के कारण अधिकतर स्थानों पर जलापूर्ति बाधित है। कई गांवों में घर-घर जलापूर्ति शुरू ही नहीं हुई, कई घरों में अब तक नल कनेक्शन नहीं दिये गये।

उन्होंने कहा कि ठेकेदारों को निर्माण के साथ 10 वर्षों के रख-रखाव का अनुबंध दिया गया है, लेकिन इसके बावजूद योग्य और प्रशिक्षित स्टाफ नियुक्त नहीं किया गया। श्रमिकों से काम लेकर उन्हें करीब 12 महीनों से भुगतान तक नहीं किया गया, जो अनुबंध की शर्तों का खुला उल्लंघन है। श्री भाया ने चेतावनी दी कि जल्द सुधारात्मक कदम नहीं उठाये गये तो वे जनता के साथ आंदोलन करेंगे।

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