सक्ती , मई 23 -- छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के बिर्रा थाना क्षेत्र अंतर्गत करही गांव में 23 अप्रैल को हुए चर्चित गोलीकांड का पुलिस ने आज खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक पिस्टल, मैगजीन, अतिरिक्त खाली मैगजीन तथा घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल बरामद की है।
पुलिस के अनुसार मृतक आयुष कश्यप के परिवार से पैसों के लेन-देन, व्यवसायिक प्रतिस्पर्धा और क्षेत्र में बढ़ते प्रभाव को लेकर हत्या की साजिश रची गई थी। गिरफ्तार आरोपियों में सक्ती जिले के निवासी 23 वर्षीय भूषण बघेल, 23 वर्षीय हेमंत कुमार बघेल और 28 वर्षीय अमित टंडन शामिल हैं।
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने 200 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले तथा तकनीकी साक्ष्य जुटाए। साइबर और आसूचना टीम की मदद से संदिग्धों से लगातार पूछताछ की गई। आरोपियों की तलाश में पुलिस की अलग-अलग टीमों ने गुजरात, तमिलनाडु, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, ओडिशा, दिल्ली और जम्मू-कश्मीर सहित सात राज्यों में दबिश दी।
उल्लेखनीय है कि 23 अप्रैल की रात करीब 12 बजे तीन नकाबपोश हमलावर करही गांव स्थित व्यवसायी सम्मेलाल कश्यप के घर में पीछे के रास्ते से घुसे थे। हमलावर उस कमरे तक पहुंचे जहां 19 वर्षीय आयुष कश्यप, उसका भाई और बहन सो रहे थे। आरोपियों ने आयुष कश्यप पर दो राउंड फायरिंग की, जिसमें एक गोली उसके सीने और दूसरी कनपटी पर लगी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के दौरान आशुतोष कश्यप पर भी फायरिंग की गई, जिसमें गोली उसके दाहिने हाथ में लगी। घटना के समय पैसों की मांग किए जाने की बात भी सामने आई थी। घायल आशुतोष को तत्काल जिला अस्पताल जांजगीर में भर्ती कराया गया था।
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