जगदलपुर , जून 20 -- छत्तीसगढ में बस्तर जिले के करपावंड गांव में जमीन की नापजोख और कब्जा दिलाने की प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान विवाद हिंसक हो गया। घटना में जमीन मालिक, जमीन विक्रेता और राजस्व निरीक्षक के साथ कथित रूप से मारपीट की गई जिसके बाद गांव में तनाव की स्थिति बन गई। एहतियात के तौर पर क्षेत्र में पुलिस बल तैनात किया गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार करपावंड निवासी शेराराम चौधरी द्वारा खरीदी गई करीब 10 एकड़ 10 डिसमिल भूमि को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। न्यायालय से फैसला उनके पक्ष में आने के बाद राजस्व विभाग की टीम भूमि की नापजोख और कब्जा दिलाने की कार्रवाई के लिए मौके पर पहुंची थी।

प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई न्यायालय के आदेश और उपलब्ध राजस्व अभिलेखों के आधार पर की जा रही थी। इसी दौरान कुछ लोगों द्वारा ग्रामीणों को भड़काने से स्थिति तनावपूर्ण हो गई और मारपीट की घटना हुई।

दूसरी ओर ग्रामीणों और ग्राम सरपंच ने प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि जिस राजस्व नक्शे के आधार पर नापजोख की जा रही थी, वह जमीनी स्थिति से मेल नहीं खाता। ग्रामीणों का कहना है कि रिकॉर्ड और नक्शे की विसंगतियों का निराकरण किए बिना कब्जा दिलाने की कार्रवाई किए जाने से विवाद की स्थिति उत्पन्न हुई।

घटना के बाद प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस मारपीट में शामिल लोगों की पहचान कर रही है तथा दोषियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार गांव में स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है।

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