चंडीगढ़ , अक्टूबर 27 -- पंजाब विधानसभा ने केंद्र सरकार से श्री करतारपुर साहिब गलियारे को तत्काल फिर खोलने और सिख श्रद्धालुओं के लिए नियमित, निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।
पंजाब के शिक्षा एवं जनसंपर्क मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने मंगलवार को सदन में इस संबंध में प्रस्ताव पेश करते हुए कहा कि यह गलियारा भारत और पाकिस्तान के बीच महज एक रास्ता नहीं, बल्कि सिख संगत को गुरु नानक देव जी की पवित्र धरती से जोड़ने का माध्यम है।
प्रस्ताव में केंद्र सरकार से गलियारे को तत्काल खोलने, इसे नियमित रूप से चालू रखने और दर्शन के लिए जरूरी प्रक्रियाओं को सरल बनाने की मांग की गई। साथ ही, पाकिस्तान सरकार के साथ बातचीत कर गुरुद्वारा श्री दरबार साहिब, करतारपुर तक श्रद्धालुओं की सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया।
श्री बैंस ने कहा कि श्री गुरु नानक देव जी ने करतारपुर साहिब में अपने जीवन का महत्वपूर्ण समय बिताया और मानवता को समानता, सेवा, भाईचारे तथा 'सरबत दा भला' का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि यह गलियारा उन लाखों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा है, साथ ही 1947 के विभाजन के दौरान बिछड़े परिवारों की भावनाओं का भी प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि गलियारे पर प्रतिबंध और आवाजाही में रुकावट से दुनियाभर के सिखों की धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं और श्रद्धालु पवित्र गुरुद्वारे के दर्शन से वंचित रह जाते हैं। उन्होंने केंद्र से विशेष रूप से बुजुर्गों और अस्वस्थ श्रद्धालुओं के लिए प्रक्रिया आसान बनाने की मांग की, ताकि अधिक से अधिक लोग दर्शन कर सकें।
श्री बैंस ने कहा कि गलियारे को खुला रखना धार्मिक स्वतंत्रता, मानवीय रिश्तों और पंजाब की साझा विरासत के सम्मान से जुड़ा है। उन्होंने इसे आस्था, शांति और लोगों के बीच संपर्क का जीवंत प्रतीक बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयास करने की अपील की।
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