अमृतसर, 1 अगस्त ,(वार्ता ) शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने पाकिस्तान स्थित गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब कॉरिडोर को फिलहाल दोबारा न खोलने संबंधी केंद्र सरकार के रुख पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि इस मामले में फैसला सिख समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखकर लिया जाना चाहिए।

श्री धामी ने शनिवार को कहा कि केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री की ओर से संसद में दिये गये जवाब के बाद यह आवश्यक है कि केंद्र सरकार इस विषय पर पुनर्विचार करे। उन्होंने कहा कि गुरुद्वारा श्री दरबार साहिब करतारपुर वह पावन स्थान है, जहां प्रथम पातशाही श्री गुरु नानक देव जी ने अपने जीवन के अंतिम वर्ष बिताये और पूरी मानवता को किरत करो, नाम जपो और वंड छको का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि करतारपुर साहिब के दर्शन करना दुनिया भर की सिख संगत की लंबे समय से चली आ रही धार्मिक आस्था और अरदास का हिस्सा है। लंबे समय से कॉरिडोर बंद रहने के कारण श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं को गहरी ठेस पहुंच रही है।

एसजीपीसी अध्यक्ष ने कहा कि करतारपुर कॉरिडोर दोनों देशों के लोगों के बीच शांति, सद्भाव और आपसी विश्वास का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च जिम्मेदारी है, लेकिन इसके साथ-साथ श्रद्धालुओं की धार्मिक स्वतंत्रता और आस्था का सम्मान करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

श्री धामी ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि वह प्रभावी सुरक्षा प्रबंध सुनिश्चित करते हुए इस मामले की जल्द समीक्षा करे और सिख संगत की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए श्री करतारपुर साहिब कॉरिडोर को पुनः खोलने का निर्णय ले।

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