अमृतसर , अगस्त 01 -- पंजाब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रवक्ता एवं सिख चिंतक प्रो. सरचांद सिंह ख्याला ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर श्री करतारपुर साहिब कॉरिडोर को पुनः खोलने के लिए आवश्यक कूटनीतिक और प्रशासनिक पहल करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि श्री करतारपुर साहिब सिखों की आस्था का प्रमुख केंद्र है और श्रद्धालुओं को लंबे समय तक इसके दर्शन से वंचित रखना करोड़ों सिखों की धार्मिक भावनाओं से जुड़ा गंभीर विषय है।

प्रो. ख्याला ने कहा कि वह राष्ट्रीय सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दिए जाने के केंद्र सरकार के दृष्टिकोण का पूरा सम्मान करते हैं और देश की एकता, अखंडता तथा सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता। हालांकि, वर्तमान परिस्थितियों में ऐसे कई तथ्य हैं जिनके आधार पर करतारपुर कॉरिडोर को दोबारा खोलने की संभावना पर गंभीरता से विचार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि कॉरिडोर बंद होने के बावजूद अटारी सीमा के रास्ते सिख श्रद्धालुओं के दो आधिकारिक जत्थे पाकिस्तान स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारों की यात्रा कर चुके हैं और तीसरा जत्था भी रवाना होने के लिए तैयार है। यदि वीजा प्रक्रिया, सुरक्षा जांच और सरकारी व्यवस्था के तहत ये यात्राएं सफलतापूर्वक संचालित हो रही हैं, तो करतारपुर कॉरिडोर को भी कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल के साथ पुनः शुरू किया जा सकता है।

प्रो. ख्याला ने भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की कार्यक्षमता पर भरोसा जताते हुए कहा कि आतंकवाद विरोधी अभियानों, सीमा सुरक्षा और आंतरिक सुरक्षा के क्षेत्रों में एजेंसियों ने बार-बार अपनी दक्षता सिद्ध की है। आधुनिक तकनीक, मजबूत खुफिया तंत्र और सख्त निगरानी व्यवस्था के कारण वे करतारपुर कॉरिडोर की यात्रा को भी पूरी तरह सुरक्षित ढंग से संचालित करने में सक्षम हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा और सिख आस्था को एक-दूसरे के विरोधी नहीं बल्कि पूरक के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि करतारपुर कॉरिडोर केवल एक सीमा मार्ग नहीं, बल्कि श्री गुरु नानक देव जी की गुरमत विचारधारा का जीवंत प्रतीक है। वर्ष 2019 में प्रधानमंत्री के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार द्वारा इसका उद्घाटन सिख समुदाय की दशकों पुरानी मांग को पूरा करने वाली ऐतिहासिक पहल थी। इस निर्णय का दुनिया भर के सिखों ने स्वागत किया था और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने श्री मोदी को 'कौमी सेवा अवार्ड' से सम्मानित किया था।

प्रो. ख्याला ने कहा कि करतारपुर कॉरिडोर का दोबारा खुलना न केवल करोड़ों सिख श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक संतोष देगा, बल्कि भारत की धार्मिक स्वतंत्रता, सांस्कृतिक विरासत और मानवीय मूल्यों को भी और अधिक मजबूत करेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्र सरकार सुरक्षा और कूटनीतिक पहलुओं की समीक्षा के बाद करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं का सम्मान करते हुए इस दिशा में सकारात्मक निर्णय लेगी। उन्होंने बताया कि इस संबंध में प्रधानमंत्री कार्यालय के अलावा केंद्रीय गृह मंत्री और केंद्रीय विदेश मंत्री को भी विस्तृत पत्र भेजकर मामले पर गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ विचार करने का आग्रह किया गया है।

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