कानपुर नगर , जून 19 -- उत्तर प्रदेश में कानपुर के जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह ने शुक्रवार को कम ऋण-जमा अनुपात (सीडी रेश्यो) वाले बैंकों को चेतावनी देते हुए जमा धनराशि के सापेक्ष ऋण वितरण बढ़ाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं में शिथिलता बरतने तथा ऋण आवेदनों को अनावश्यक रूप से लंबित रखने वाले बैंक अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार में आयोजित जिला स्तरीय समीक्षा समिति एवं जिला सलाहकार समिति की बैठक में बैंकवार प्रदर्शन, ऋण-जमा अनुपात तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। अग्रणी जिला प्रबंधक आदित्य चंद्रा ने बताया कि मार्च 2026 में जनपद का सीडी रेश्यो 54.69 प्रतिशत दर्ज किया गया।
जिलाधिकारी ने सभी बैंकों को कृषि, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई), निर्यात, शिक्षा, गृह निर्माण, सामाजिक अवसंरचना तथा नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्रों में ऋण प्रवाह बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने वित्तीय वर्ष 2026-27 के प्राथमिकता क्षेत्र ऋण वितरण लक्ष्यों को समयबद्ध रूप से प्राप्त करने पर जोर दिया।
समीक्षा के दौरान सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया का सीडी रेश्यो 23.56 प्रतिशत, पंजाब नेशनल बैंक का 28.93 प्रतिशत तथा यूनियन बैंक ऑफ इंडिया का 35.50 प्रतिशत पाए जाने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की और संबंधित अधिकारियों को प्रदर्शन में सुधार के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में जनपद में 3008 ऋण वितरित किए गए थे, जबकि वर्ष 2026-27 के लिए 6000 लाभार्थियों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिलाधिकारी ने पात्र युवाओं को समयबद्ध ऋण उपलब्ध कराने के निर्देश देते हुए 27 जून को आयोजित होने वाले सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम दिवस के मद्देनजर निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित करने को कहा।
बैठक में प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों के ऋण संबद्धीकरण, किसान क्रेडिट कार्ड योजना, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, एक जनपद एक उत्पाद योजना तथा प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना की भी समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने कहा कि यदि किसी ऋण आवेदन में अभिलेखों या अन्य औपचारिकताओं की कमी हो तो आवेदक को तत्काल सूचित कर उसका समाधान कराया जाए। उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों से अपेक्षित रिपोर्ट अथवा सूचना के लिए अग्रणी जिला प्रबंधक के माध्यम से समन्वय स्थापित कर लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण किया जाए। अकारण ऋण आवेदनों को लंबित रखने वाले अधिकारियों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जैन ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान तथा प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के लंबित आवेदनों का गुण-दोष के आधार पर शीघ्र निस्तारण कर स्वीकृति एवं ऋण वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में भारतीय रिजर्व बैंक की एलडीओ नम्रिता किरण, नाबार्ड के डीडीएम, विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा सभी बैंकों के क्षेत्रीय प्रमुख उपस्थित रहे।
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