बैतूल , अक्टूबर 28 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में इस वर्ष मानसून के दौरान सामान्य से कम बारिश होने के कारण सूखे का खतरा बढ़ गया है। जिले में औसत वर्षा के मुकाबले केवल 66.59 प्रतिशत बारिश दर्ज की गई है। भोपाल में हुई कैबिनेट बैठक में प्रदेश के कम वर्षा वाले 12 जिलों में सूखे की स्थिति का आकलन कराए जाने की जानकारी दी गई, जिसमें बैतूल भी शामिल है।
जिले की सामान्य औसत वर्षा 43.35 इंच है, जबकि इस वर्ष अब तक 28.87 इंच बारिश दर्ज की गई है। यह सामान्य से 33.41 प्रतिशत कम है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, जिले के आठनेर, आमला, बैतूल, प्रभातपट्टन, भैंसदेही, शाहपुर और मुलताई सहित सात विकासखंडों में बारिश की कमी दर्ज की गई है। चिचोली, घोड़ाडोंगरी और भीमपुर में स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर बताई गई है।
सूखे की स्थिति का आकलन करने के लिए प्रशासन द्वारा मैदानी सर्वेक्षण और वास्तविक स्थिति का सत्यापन किया जा रहा है। सूखाग्रस्त घोषित होने की स्थिति में प्रभावित किसानों को फसल नुकसान के मुआवजे, ऋण वसूली में राहत और ब्याज संबंधी सहायता जैसे लाभ मिल सकते हैं। इसके साथ ही पेयजल संकट से निपटने के लिए टैंकरों से जलापूर्ति और जल संरक्षण के कार्यों पर भी ध्यान दिया जाएगा। फिलहाल जिले को सूखाग्रस्त घोषित किए जाने का अंतिम निर्णय आकलन और प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगा।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित