रायपुर , मार्च 29 -- छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड (सीएसपीटीसीएल) ने राजधानी में जमीन की कमी को देखते हुए हाईटेंशन ट्रांसमिशन लाइनों के लिए पारंपरिक टावरों के स्थान पर मोनोपोल तकनीक का उपयोग शुरू कर दिया है। इस नई तकनीक के तहत कम जगह में बिजली लाइनों का विस्तार संभव हो सकेगा, साथ ही यह संरचना देखने में अधिक आकर्षक और सुरक्षित भी होगी।

कंपनी द्वारा राजधानी से लगे उरला-सिलतरा औद्योगिक क्षेत्र स्थित मेटल पार्क में 132/33 केवी लाइन के करीब 250 मीटर विस्तार का पहला प्रयोग मोनोपोल के जरिए किया गया है, जिसे ऊर्जीकृत कर विद्युत आपूर्ति भी शुरू कर दी गई है।

कंपनी के प्रबंध निदेशक राजेश कुमार शुक्ला ने बताया कि शहरी क्षेत्रों में सघन आबादी और भूमि की कमी के कारण पारंपरिक ईएचटी टावर स्थापित करना चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है। जहां एक पारंपरिक टावर के लिए 1,000 से 2,000 वर्गफीट जमीन की आवश्यकता होती है, वहीं मोनोपोल के लिए मात्र लगभग 50 वर्गफीट जगह पर्याप्त होती है।

उन्होंने बताया कि मोनोपोल तकनीक न केवल स्थान की बचत करती है, बल्कि यह अधिक सुरक्षित भी है, क्योंकि इस पर आम लोगों के चढ़ने की संभावना नहीं रहती। लगभग 100 फीट ऊंचे इन पोल के माध्यम से अतिउच्चदाब लाइनों का विस्तार किया गया है।

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