तिरुपति , अप्रैल 24 -- भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के नेता के नारायण ने तमिलनाडु में चुनाव प्रचार के दौरान कम्युनिस्टों के खिलाफ आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू की टिप्पणियों को 'अप्रासंगिक और व्यंग्यात्मक' करार दिया है।
श्री नारायणन ने शुक्रवार को मीडिया के लिए जारी बयान में कहा कि तमिलनाडु में राजनीतिक मुकाबला मुख्य रूप से द्रमुक और अन्नाद्रमुक गठबंधनों के बीच है। उन्होंने ऐसे में साम्यवाद पर टिप्पणी करने की आवश्यकता पर सवाल उठाया।
श्री नायडू की उस टिप्पणी का जिक्र करते हुए, जिसमें उन्होंने कहा था कि 'अब कोई साम्यवाद, समाजवाद या पूंजीवाद नहीं है, केवल पर्यटन है', श्री नारायण ने कहा कि ऐसे बयानों में इस बात की स्पष्टता की कमी है कि विकल्प के रूप में कौन-सी व्यवस्था प्रस्तावित की जा रही है।
श्री नारायण ने हालांकि श्री नायडू के राजनीतिक अनुभव और शैक्षणिक पृष्ठभूमि को स्वीकार करते हुए कहा कि वह रणनीतिक दूरदर्शिता वाले मंझे हुए नेता हैं। उन्होंने कहा कि हालांकि कई विचारकों ने साम्यवाद की आलोचना की है, लेकिन समाजवाद का कोई स्पष्ट विकल्प स्थापित नहीं किया जा सका है। उन्होंने यह भी सवाल किया कि क्या श्री नायडू मौजूदा पूंजीवादी ढांचे को पूरी तरह से पहचानते हैं?उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय दल अक्सर परिवार, राज्य और राष्ट्र के हितों को इसी क्रम में प्राथमिकता देते हैं। उन्होंने टिप्पणी की कि पार्टियों के भीतर नेतृत्व परिवर्तन उनके आंतरिक निर्णय होते हैं।
उन्होंने अंत में कहा कि हालांकि वह श्री नायडू की टिप्पणियों से असहमत हैं, फिर भी वह राष्ट्रीय राजनीति में उनके उत्थान का स्वागत करेंगे। उन्होंने छात्र आंदोलन के दिनों से ही श्री नायडू के साथ अपनी पुरानी जान-पहचान का भी उल्लेख किया।
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