पौड़ी , मई, 22 -- उत्तराखंड में विकासखंड पौड़ी के अंतर्गत कमेड़ा गांव में ग्रामीण क्षेत्रों में विकास योजनाओं की जमीनी स्थिति जानने और लोगों की समस्याओं का मौके पर समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने शुक्रवार को जन चौपाल आयोजित कर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। इस दौरान उन्होंने गांव में संचालित विभिन्न विकास कार्यों, कृषि गतिविधियों तथा आधारभूत सुविधाओं का स्थलीय निरीक्षण भी किया।

गांव पहुंचने पर स्थानीय ग्रामीणों ने जिलाधिकारी का स्वागत किया। चौपाल के दौरान कुल 17 शिकायतें और विकास संबंधी मांगें सामने आईं, जिनमें अधिकांश का समाधान संबंधित विभागों द्वारा मौके पर ही किया गया।

जनसंवाद में पेयजल व्यवस्था प्रमुख मुद्दा रही। कंडारा गांव के प्रधान ने पेयजल लाइन को नुकसान पहुंचाने की शिकायत रखी, जिस पर जिलाधिकारी ने जिम्मेदार व्यक्ति की पहचान कर विभागीय कार्रवाई और एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए। वहीं, कोलापातल पंपिंग योजना का पानी कमेड़ा तक नहीं पहुंचने की शिकायत पर संबंधित अधिकारियों को स्थलीय निरीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया।

ग्रामीणों ने सड़क, सिंचाई, कृषि एवं आपदा से जुड़े विषय भी उठाए। जिलाधिकारी ने रैदुल एवं रछुली गांव के आपदा कार्यों को एसडीएमएफ में प्रस्तावित करने, लंबित गौशाला एवं मुर्गीबाड़ा मद की धनराशि जारी करने, कंडारा इंटर कॉलेज में पेड़ कटान की प्रक्रिया आगे बढ़ाने तथा दिव्यांग प्रमाणपत्र शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए। साथ ही घेरबाड़, चेकडैम, सोलर पंपिंग और सिंचाई योजनाओं को प्राथमिकता देने को कहा।

कार्यक्रम के दौरान "समलौंण आंदोलन" के तहत पौधरोपण भी किया गया। जिलाधिकारी ने महिला कृषकों से संवाद कर उनकी कृषि गतिविधियों की जानकारी ली। महिला समूहों द्वारा फूल एवं सब्जियों के बीज उपलब्ध कराने की मांग पर कृषि एवं उद्यान विभाग को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

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