कोंडागांव , मई 29 -- छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले के माकड़ी विकासखंड में कथित कब्रिस्तान भूमि पर सीमेंट ईंट प्लांट स्थापित किए जाने को लेकर विवाद गहरा गया है। गोंडवाना समाज ने आज आरोप लगाया है कि उनके पूर्वजों के पारंपरिक मरघट (कब्रिस्तान) स्थल पर अतिक्रमण कर व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं, जिससे समाज की आस्था और सांस्कृतिक परंपराएं प्रभावित हो रही हैं।
समाज के प्रतिनिधियों के अनुसार माकड़ी पंचायत में एचपी पेट्रोल पंप के पीछे स्थित लगभग डेढ़ एकड़ भूमि पर एक स्थानीय व्यापारी द्वारा फ्लाई ऐश ईंट प्लांट स्थापित किया गया है। समाज का दावा है कि उक्त भूमि का उपयोग पीढ़ियों से पूर्वजों के दफन संस्कार और मरघट स्थल के रूप में होता रहा है तथा वहां कई पूर्वजों के मठ (स्मृति स्थल) मौजूद हैं। समाज का आरोप है कि प्लांट निर्माण के दौरान कुछ मठों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया तथा कुछ को मिट्टी और मुरुम डालकर ढंक दिया गया।
गोंडवाना समाज की महिला प्रकोष्ठ ब्लॉक अध्यक्ष रूखमणी नेताम ने कहा कि समाज पहले भी निर्माण कार्य का विरोध कर चुका है और मामले की जांच के लिए प्रशासन को आवेदन दिया गया है। समाज की सदस्य बालमती पोयाम ने इसे आस्था और संस्कृति से जुड़ा विषय बताते हुए भूमि को संरक्षित रखने की मांग की है।
स्थानीय निवासी एवं समाज के वरिष्ठ सदस्य दशरथ नेताम ने कहा कि जिस भूमि का दशकों से मरघट के रूप में उपयोग किया जाता रहा है, उस पर निजी स्वामित्व का दावा विवाद का विषय है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
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