कवर्धा , अगस्त 12 -- छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में पुलिस ने नकली नोट तैयार कर उन्हें बाजार और लेन-देन में खपाने वाले स्थानीय गिरोह का आज पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल 12.50 लाख रुपए के जाली नोट के साथ कलर प्रिंटर, मोबाइल फोन और एक टाटा पंच ईवीकार बरामद की है।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सतीश कुमार, रामप्रसाद उर्फ रमऊ और घुरवा राम के रूप में हुई है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने उधारी चुकाने के लिए नकली नोट छापने का काम शुरू करने की बात बताई है। मामले में थाना बोड़ला, चौकी पोंडी और साइबर थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की है।
पुलिस ने बताया कि मामले की कड़ी 3.75 लाख रुपए की पुरानी उधारी से जुड़ी है। आरोप है कि उधारी चुकाने के नाम पर आरोपियों ने पीड़ित को नकली नोट दे दिए। प्रार्थी दिनेश कुमार यादव को बीते 9 अगस्त को 4.50 लाख रुपए के जाली नोट दिए गए थे। नोटों की असलियत पर संदेह होने के बाद दिनेश कुमार यादव ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर जांच आगे बढ़ी तो पुलिस आरोपियों तक पहुंच गई।
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी जुलाई 2026 से नए बस स्टैंड के पास किराए का कमरा लेकर नकली नोट तैयार कर रहे थे। इसके लिए कलर प्रिंटर का इस्तेमाल किया जा रहा था। पुलिस के मुताबिक आरोपी तैयार किए गए जाली नोटों को बाजार और अन्य लेन-देन में खपाने की फिराक में थे।
पुलिस ने कार्रवाई के दौरान आरोपियों के कब्जे से कुल 12.50 लाख रुपए के जाली नोट, नकली नोट तैयार करने में इस्तेमाल होने वाला कलर प्रिंटर, मोबाइल फोन और एक टाटा पंच ईवी कार जब्त की है। तीनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित गंभीर धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपियों ने अब तक कितने जाली नोट बाजार में खपाए हैं और इस कारोबार में उनके साथ अन्य लोग भी शामिल हैं या नहीं।
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