कपूरथला , जुलाई 23 -- केन्द्रीय वस्त्र मंत्रालय ने समृद्ध हस्तशिल्प विरासत के संरक्षण, संवर्धन और विकास के उद्देश्य से अगले पांच वर्षों के लिए 'चौपाल' कार्यक्रम को राष्ट्रीय पहल के रूप में शुरू किया है। इसके तहत देश के 100 हस्तशिल्प आकांक्षी जिलों का चयन किया गया है, जिनमें पंजाब के फिरोजपुर, मोगा और कपूरथला शामिल हैं।
कार्यक्रम के मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुसार चयनित जिलों में अगले पांच वर्षों के दौरान 500 से 1000 प्रथम पीढ़ी के कारीगरों की पहचान कर उन्हें सरकार की विभिन्न योजनाओं के प्रति जागरूक किया जाएगा। साथ ही उन्हें वित्तीय सहायता और अन्य लाभ उपलब्ध कराकर हस्तशिल्प क्लस्टर विकसित किए जाएंगे।
इसी क्रम में उपायुक्त आकाश बंसल (आईएएस) के मार्गदर्शन में कपूरथला जिले में सी-डैप (क्राफ्ट डेमोंस्ट्रेशन एंड अवेयरनेस प्रोग्राम) का आयोजन पीएम श्री सरकारी गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सत नारायण बाजार (बस स्टैंड के निकट) में किया गया।
यह कार्यक्रम 21 से 23 जुलाई 2026 तक आयोजित किया गया, जिसमें करीब 200 छात्राओं ने भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को वुड इनले (लकड़ी जड़ाई), पेंटिंग, फुलकारी कढ़ाई और हस्तनिर्मित बांस/बेंत की टोकरियां (हैंडवोवन बास्केट) बनाने की प्रारंभिक जानकारी और व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। विद्यार्थियों ने कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया।
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