फगवाड़ा , अगस्त 11 -- )पंजाब में कपूरथला पुलिस ने नशा तस्करी और नशे के सेवन के खिलाफ चलाए जा रहे 'युद्ध नशियां विरुद्ध' अभियान को और तेज करते हुए एक मार्च 2025 से नौ अगस्त 2026 तक कुल 1,835 मामले दर्ज कर 2,243 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गौरव तूरा ने मंगलवार को बताया कि इस अभियान के तहत नशीले पदार्थों की बरामदगी, नशे से जुड़ी संपत्तियों के खिलाफ कार्रवाई तथा आम लोगों की भागीदारी को पुलिस रणनीति का अहम हिस्सा बनाया गया है।

एसएसपी ने बताया कि इस अवधि के दौरान पुलिस ने 34.719.952 हेरोइन, 520.660 पोस्त भूसी, 12.628 अफीम, 2.100 गांजा, 0.370 चरस, 0.014 आईसीई और 1.613.546 नशीला पाउडर बरामद किया। इसके अलावा 516 पोस्त के हरे पौधे तथा 86,539 नशीली गोलियां/कैप्सूल भी जब्त किए गए। पुलिस ने कथित नशा तस्करी से अर्जित 8,67,760 रुपये की ड्रग मनी भी बरामद की। विभागीय बयान में बरामद नशीले पदार्थों की मात्रा की इकाइयां स्पष्ट नहीं की गई हैं, इसलिए आंकड़े आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार ही रखे गए हैं।

पुलिस कार्रवाई के दौरान नशे से जुड़े मामलों में इस्तेमाल किए जा रहे वाहनों पर भी कार्रवाई की गई। इनमें 43 मोटरसाइकिल, 38 कारें, 13 एक्टिवा और एक ट्रक शामिल हैं। इसके अलावा पुलिस ने एक पिस्तौल और 7.62 एमएम के तीन कारतूस भी बरामद किए।

एसएसपी गौरव तूरा ने बताया कि नशे और गैर-कानूनी गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस आम लोगों की भागीदारी और स्थानीय स्तर पर शिकायतों की व्यवस्था को भी मजबूत कर रही है। उन्होंने कहा कि विलेज डिफेंस कमेटी हेल्पलाइन पर कुल 556 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 498 का निपटारा किया जा चुका है, जबकि 58 शिकायतें लंबित हैं। इनमें 18 शिकायतें 15 दिन से अधिक समय से लंबित बताई गई हैं। इन शिकायतों के आधार पर 68 एफआईआर दर्ज कर 84 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

इसी तरह सेफ पंजाब हेल्पलाइन पर 2,050 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें से 1,936 का निपटारा किया गया, जबकि 114 शिकायतें लंबित हैं। इनमें 43 शिकायतें 15 दिन से अधिक पुरानी हैं। इन शिकायतों के आधार पर 800 एफआईआर दर्ज की गईं और 962 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

एसएसपी ने कहा कि पुलिस केवल कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए बड़े स्तर पर जागरूकता अभियान भी चला रही है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार इस अवधि में 2,535 नशा जागरूकता सेमिनार, 14 कार्यशालाएं और 15 टूर्नामेंट आयोजित किए गए।

पुलिस रिपोर्ट के अनुसार एक मार्च 2025 से नौ अगस्त 2026 तक 178 नशा तस्करों की पहचान की गई, जिनमें से 130 को गिरफ्तार किया गया। इसी तरह 1,102 नशा बेचने वालों (पैडलरों) की पहचान हुई, जिनमें से 788 को गिरफ्तार किया गया।

पुलिस ने नशीले पदार्थों से जुड़े लोगों की संपत्तियों के खिलाफ भी कार्रवाई की है। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक 68-एफ के तहत 11.22 करोड़ रुपये मूल्य की 52 संपत्तियों से संबंधित मामले सक्षम प्राधिकारी को भेजे गए। वहीं नई दिल्ली स्थित एसएएफईएम से 9.63 करोड़ रुपये मूल्य की 49 संपत्तियों के संबंध में फ्रीज या जब्ती के आदेश प्राप्त हुए। 1.58 करोड़ रुपये मूल्य की तीन संपत्तियों से संबंधित मामले सक्षम प्राधिकारी के समक्ष लंबित हैं।

पुलिस के अनुसार 13 संपत्तियों को ध्वस्त किया गया, जबकि एनडीपीएस एक्ट की धारा 64-ए के तहत 748 मामलों में कार्रवाई शुरू की गई। पुलिस ने बताया कि कार्रवाई के साथ-साथ नशे की समस्या से जूझ रहे लोगों को उपचार उपलब्ध कराने पर भी ध्यान दिया जा रहा है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार 1,132 लोगों को नशा मुक्ति केंद्रों में भर्ती कराया गया, जबकि 2,391 लोग ओएटीटी के माध्यम से दवाएं प्राप्त कर रहे हैं।

एसएसपी गौरव तूरा ने कहा कि सामुदायिक पुलिसिंग के तहत गांव और वार्ड स्तर पर बनाई गई डिफेंस कमेटियां पुलिस तथा आम लोगों के बीच संपर्क मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।विभागीय आंकड़ों के अनुसार 505 विलेज डिफेंस कमेटियों में 6,658 सदस्य हैं, जिन्होंने इस अवधि में 1,102 बैठकें कीं। वहीं 152 वार्ड डिफेंस कमेटियों में 1,101 सदस्य हैं और इन कमेटियों ने 603 बैठकें आयोजित कीं। इस प्रकार दोनों श्रेणियों में कुल 657 कमेटियां, 7,759 सदस्य और 1,705 बैठकें हुईं।

एसएसपी गौरव तूरा ने कहा कि कपूरथला पुलिस नशा तस्करी और संगठित अपराध के खिलाफ सख्त कार्रवाई के साथ-साथ जनसहयोग, जागरूकता और नशा मुक्ति के माध्यम से समस्या की जड़ पर काम कर रही है।

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