बैतूल , जुलाई 24 -- मध्यप्रदेश के बैतूल में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना के तहत जिला परिवहन कार्यालय और शासकीय कन्या महाविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में छात्राओं के लिए निःशुल्क ड्राइविंग लाइसेंस शिविर आयोजित किया गया। शिविर का उद्देश्य छात्राओं को वैध ड्राइविंग लाइसेंस उपलब्ध कराने के साथ सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करना था।

कार्यक्रम में वन स्टॉप सेंटर की प्रशासक श्रीमती अनामिका तिवारी ने कहा कि पिंक ड्राइविंग लाइसेंस अभियान केवल लाइसेंस जारी करने तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षित, जिम्मेदार और आत्मविश्वासी चालक बनने के लिए प्रेरित करने की पहल है। उन्होंने कहा कि ड्राइविंग लाइसेंस इस बात का प्रमाण है कि चालक यातायात नियमों की जानकारी रखता है और सुरक्षित रूप से वाहन चलाने के योग्य है।

उन्होंने छात्राओं से बिना लाइसेंस वाहन नहीं चलाने, प्रशिक्षण प्राप्त कर वैध ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने, सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने तथा हेलमेट और सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सुरक्षित वाहन संचालन स्वयं के साथ-साथ अन्य लोगों की सुरक्षा के लिए भी आवश्यक है।

महिला एवं बाल विकास विभाग के सहायक संचालक विवेक उइके ने विभाग की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, महिला सुरक्षा संबंधी हेल्पलाइन तथा साइबर सुरक्षा के बारे में जानकारी दी। उन्होंने डिजिटल माध्यमों का उपयोग करते समय सतर्क रहने और साइबर अपराध की स्थिति में तत्काल संबंधित हेल्पलाइन पर संपर्क करने की सलाह दी।

वन स्टॉप सेंटर की केस एडमिनिस्ट्रेटर श्रीमती शिखा भौरासे ने छात्राओं को केंद्र द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली कानूनी, मनोवैज्ञानिक, चिकित्सकीय और परामर्श संबंधी सेवाओं की जानकारी देते हुए आवश्यकता पड़ने पर इनका लाभ लेने के लिए प्रेरित किया।

शिविर में जिला परिवहन कार्यालय के प्रतिनिधि अक्षय राने, शासकीय कन्या महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. आशीष गुप्ता, महाविद्यालय के शिक्षक एवं कर्मचारी तथा 50 से अधिक छात्राओं ने भाग लिया। इस दौरान छात्राओं को सुरक्षित यातायात, जिम्मेदार वाहन संचालन और महिला सशक्तिकरण से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई।

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