बेंगलुरु , मार्च 17 -- दक्षिण पश्चिम रेलवे के क्षेत्रांतर्गत गुड्स ट्रेन मैनेजर पद के लिए मंगलवार को होने वाली परीक्षा को कन्नड़ समर्थक कार्यकर्ताओं के विरोध के बाद स्थगित कर दिया गया।

कर्नाटक रक्षण वेदिके (करवे) के सदस्यों ने यह आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया कि 'सीमित विभागीय प्रतियोगी परीक्षा' (एलडीसीई) केवल हिंदी और अंग्रेजी में आयोजित की जा रही थी और इसमें कन्नड़ को शामिल नहीं किया गया था।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, परीक्षा से मात्र चार दिन पहले जारी अधिसूचना में स्पष्ट किया गया था कि कन्नड़ का विकल्प नहीं होगा, जिससे कन्नड़ में तैयारी करने वाले कई उम्मीदवार अधर में लटक गये। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि यह एक बड़ी साजिश का हिस्सा है और रेलवे अधिकारियों पर बार-बार कन्नड़ भाषा और उसके बोलने वालों का अपमान करने का आरोप लगाया।

'करवे' नेताओं ने परीक्षा से पहले कड़ी चेतावनी जारी की थी कि यदि परीक्षा कन्नड़ के बिना आयोजित की गयी तो वे केंद्रों में घुसकर इसे रोक देंगे। बेंगलुरु, मैसूरु और हुबली सहित कई शहरों में विरोध प्रदर्शन की योजना बनायी गयी थी, जबकि बेंगलुरु रेलवे कार्यालय के सामने भी प्रदर्शन की घोषणा की गयी थी।

'करवे' नेता नारायण गौड़ा ने केंद्रीय मंत्रियों सहित कर्नाटक के निर्वाचित प्रतिनिधियों की इस मुद्दे पर चुप्पी साधने के लिए आलोचना की। उन्होंने एच डी कुमारस्वामी और प्रह्लाद जोशी जैसे नेताओं से हस्तक्षेप करने, केंद्र पर दबाव बनाने और कन्नड़ भाषी उम्मीदवारों के हितों की रक्षा करने में विफल रहने पर इस्तीफा देने तक की मांग की।

इस बीच हुबली में आंदोलन के कारण स्थिति तनावपूर्ण हो गयी, जिसके बाद कानून-व्यवस्था बनाये रखने के लिए पुलिस बल तैनात करना पड़ा। विरोध प्रदर्शनों के बाद रेलवे अधिकारियों ने परीक्षा स्थगित करने का निर्णय लिया और केंद्रों पर मौजूद उम्मीदवारों को इसकी जानकारी दी।

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