, Sept. 13 -- ओटावा, 13 सितंबर (वार्ता/स्पूतनिक) कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने देश को यूरोपीय संघ (ईयू) का सहयोगी सदस्य बनाने का प्रस्ताव दिया है। 'द वॉल स्ट्रीट जर्नल' ने संभावित गठबंधन से जुड़े दोनों पक्षों के सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी। यह प्रस्ताव अमेरिका के साथ व्यापार वार्ता विफल होने के बाद कनाडा के यूरोप की ओर रुख को तेज करने की दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है।

इससे पहले ब्लूमबर्ग ने सूत्रों के हवाले से बताया था कि ईयू और कनाडा 16 सितंबर को व्यापार, रक्षा और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक रणनीतिक गठबंधन की घोषणा करने की योजना बना रहे हैं। इसका उद्देश्य अमेरिका और चीन के आर्थिक तथा राजनीतिक दबाव का मिलकर मुकाबला करना है।

'द वॉल स्ट्रीट जर्नल' के अनुसार, कड़े सदस्यता नियमों के लिए जाने जाने वाले ईयू ने श्री कार्नी के प्रस्ताव के प्रति सकारात्मक रुख दिखाया है।

अखबार ने बताया कि श्री कार्नी पिछले कई महीनों से फ्रांस, इटली, जर्मनी और स्कैंडिनेवियाई देशों समेत लगभग सभी प्रमुख यूरोपीय देशों के नेताओं के साथ निजी तौर पर बातचीत कर रहे हैं। इन चर्चाओं का मुख्य उद्देश्य कनाडा को यूरोपीय बाजार के साथ और अधिक मजबूती से जोड़ना था।

प्रकाशन के अनुसार, कनाडा को ईयू के 21 हजार अरब डॉलर के एकल बाजार से जोड़ने के विकल्प पर विचार किया जा रहा है। इसमें रक्षा उद्योग, ऊर्जा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और महत्वपूर्ण खनिजों जैसे क्षेत्र शामिल होंगे।

इसके अलावा, यूरोप और कनाडा के बीच समुद्र के भीतर संचार केबल बिछाने, संयुक्त रूप से डेटा केंद्रों और उपग्रह नेटवर्क का निर्माण करने तथा अमेरिका को दरकिनार कर कनाडाई गैस को यूरोप भेजने के मुद्दे पर भी बातचीत चल रही है।

हालांकि, अखबार ने कहा कि इस नयी एकीकरण प्रक्रिया में कई महत्वपूर्ण बाधाएं सामने आ सकती हैं। कनाडा को संभवतः ईयू के बजट में योगदान करना होगा, कुछ संप्रभु अधिकार छोड़ने होंगे और यूरोपीय संघ के आंतरिक नियमों को अपनाना होगा।

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