भरतपुर , मार्च 07 -- हरियाणा के भिवानी में करीब तीन वर्ष पहले डीग के घाटमिका निवासी नासिर एवं जुनैद की गौतस्करी के शक में जलाकर की गई हत्या के बहुचर्चित मामले में भरतपुर के सेवर सेंट्रल जेल में बंद मोनू मानेसर उर्फ मोहित यादव को राजस्थान उच्च न्यायालय से जमानत मिलने के बाद शनिवार को भारी सुरक्षा के बीच रिहा कर दिया गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार राजस्थान एवं हरियाणा के बहुचर्चित नासिर एवं जुनैद हत्याकांड के प्रमुख आरोपी मोनू मानेसर को बुलेटप्रूफ जैकेट पहनाकर जेल से बाहर लाने के बाद पुलिस की गाड़ियों ने मोनू मानेसर की गाड़ी को सुरक्षा प्रदान की। मोनू को जेल से लेने के लिए हरियाणा से बड़ी संख्या में गौसेवक भरतपुर पहुंचे थे।

उल्लेखनीय है कि मोनू पर गौतस्करी के शक में अपने गौरक्षक साथियों के साथ नासिर (28) एवं जुनैद (35) की हत्या करके उनके शवों को जलाने का आरोप है। 15 फरवरी 2023 को नासिर और जुनैद की भिवानी में हत्या के बाद 16 फरवरी को पुलिस ने जली हुई गाड़ी में दो शव बरामद किये थे। जुनैद और नासिर के परिजनों ने 15 फरवरी को मोनू सहित पांच लोगों के खिलाफ अपहरण की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। 22 फरवरी को राजस्थान पुलिस ने आठ आरोपियों की फोटो जारी की, उनमें मोनू का नाम नहीं था। छह जून को आरोप पत्र में मोनू का नाम शामिल किया गया। इसके अलावा रिंकू सैनी, गोगी, मोनू राणा और अनिल मुलथाना भी आरोपी बनाए गए। इन पर गायों की तस्करी के शक में नासिर और जुनैद को अगवा करने का आरोप लगा था। जिसके बाद हरियाणा पुलिस ने 12 सितंबर को मोनू मानेसर को गिरफ्तार किया था। उसी दिन हरियाणा पुलिस ने राजस्थान पुलिस को मोनू सौंप दिया था।

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