चंडीगढ़ , अक्टूबर 07 -- पंजाब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अनुसूचित जाति मोर्चा के उपाध्यक्ष परमजीत सिंह कैंथ ने पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय द्वारा कथित भ्रष्टाचार के आरोपों से जुड़े मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपे जाने के बाद बुधवार को भगवंत मान सरकार की 'पूर्ण ईमानदारी' और भ्रष्टाचार के प्रति 'शून्य सहनशीलता' के दावों पर सवाल उठाये।

श्री कैंथ ने कहा कि उच्च न्यायालय ने सीबीआई को प्राथमिकी दर्ज कर जांच आगे बढ़ाने और दो महीने में स्थिति रिपोर्टदाखिल करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि मामला किसी एक व्यक्ति या अधिकारी तक सीमित नहीं है, बल्कि शासन में पारदर्शिता और प्रशासनिक जवाबदेही से जुड़ा है। उन्होंने सवाल किया कि यदि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के प्रति वास्तव में शून्य सहनशीलता की नीति पर चल रही है तो प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा पंजाब के पुलिस महानिदेशक को सूचना दिए जाने के बाद राज्य पुलिस स्तर पर प्राथमिकी दर्ज कर प्रभावी जांच क्यों नहीं की गयी।

भाजपा नेता ने कहा कि उच्च न्यायालय के समक्ष रखी गयी सामग्री में सरकारी अधिकारियों के तबादलों और तैनाती, नीतिगत फैसलों, सरकारी निविदाओं तथा अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं को प्रभावित करने से संबंधित गंभीर आरोपों का उल्लेख था। उन्होंने कहा कि अदालत ने निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की आवश्यकता को देखते हुए मामला सीबीआई को सौंपा है।

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