अलवर , अप्रैल 25 -- राजस्थान में औद्योगिक नगरी भिवाड़ी में पहाड़ की तलहटी में कूड़े के ढेर में ईएसआई अस्पताल की दवाएं और चिकित्सकीय कचरा खुले में पड़ा हुआ नजर आया।
जिसके बाद स्वास्थ्य व्यवस्था पर बड़ा सवाल उठ रहा है। मामले की जानकारी मिलती ही ईएसआई अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया। जिला कलेक्टर ने तुरंत मामले की जांच के आदेश दिए हैं। दवाओं के साथ अस्पताल का चिकित्सकीय कचरा भी खुले में पड़ा हुआ दिखाई दिया। जबकि अस्पताल से निकलने वाले इस कचरे के निस्तारण के नियम बने हुए हैं। ऐसे में इस कचरे से संक्रमण फैलने की आशंका बनी रहती है।
सूत्रों ने बताया कि मौके पर बिखरे पड़े सामान में इस्तेमाल की गई दवाइयां, ब्लड जांच के सैंपल, मेडिकल पैकेजिंग और अन्य संवेदनशील सामग्री शामिल है। कई दवाइयों के रैपर पर साफ तौर पर "केवल ईएसआई उपयोग हेतु" लिखा हुआ है, जिससे यह आशंका गहरा गई है कि यह कचरा सीधे किसी चिकित्सा संस्थान से लापरवाहीपूर्वक बाहर फेंका गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि खुले में पड़े इस मेडिकल कचरे से संक्रमण फैलने की आशंका बढ़ गई है। आवारा पशु और कुत्ते इस कचरे को इधर-उधर फैला रहे हैं, जिससे स्थिति और भी खराब हो सकती है। यह न सिर्फ पर्यावरणीय नियमों का उल्लंघन है, बल्कि आमजन के स्वास्थ्य के साथ खुला खिलवाड़ भी है।
इस मामले पर ईएसआई अस्पताल भिवाड़ी के चिकित्सा अधीक्षक निलेश निगम ने कहा कि मामले की गंभीरता से जांच कराई जाएगी और दोषी एजेंसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
खैरथल तिजारा जिले के जिला कलेक्टर ने तुरंत ही मामले की जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि मीडिया के माध्यम से मामले की जानकारी मिली है। इसके लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को जांच के निर्देश दिए गए हैं। मामले की जांच के लिए एक दल गठित किया गया है जिसकी रिपोर्ट के बाद जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित