श्रीगंगानगर , जुलाई 14 -- राजस्थान में श्रीगंगानगर जिले की नेतेवाला की सरकारी भूमि से चक नरसिंहपुरा बारानी में श्रीगंगानगर की नगर परिषद का ठोस कचरा निस्तारण संंयंत्र स्थानांतरित करने के जिला प्रशासन के निर्णय के खिलाफ चक 34 एलएनपी के ग्रामीणों ने मंगलवार को ग्रामीण सेवा शिविर का बहिष्कार किया।

ग्रामीणों ने पंचायत भवन के मुख्य द्वार पर ताला जड़ दिया और वहां धरने पर बैठ गये।

ग्रामीणों का आरोप है कि कचरा संयंत्र पहले नेतेवाला में लगाया जाना प्रस्तावित था, लेकिन कुछ प्रभावशाली व्यक्तियों के दबाव में जिला प्रशासन ने अचानक इसे नरसिंहपुरा बारानी में स्थानांतरित करने का निर्णय ले लिया। इस फैसले को ग्रामीण जनहित की अनदेखी मान रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिना स्थानीय लोगों से चर्चा किये ऐसा कदम उठाना पूरी तरह गलत है।

ग्रामीणों ने कहा कि नरसिंहपुरा बारानी का इलाका पहले से ही कई संवेदनशील संस्थानों से घिरा हुआ है। यहां एक बड़ी गौशाला है जिसमें करीब 1500 गाय-मवेशी हैं। साथ ही गुरुकुल कन्या आश्रम भी मौजूद है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि गंगनहर की एलएनपी वितरिका इसी क्षेत्र से निकलती है, जो करीब 60 गांवों को पेयजल की आपूर्ति करती है।

ग्रामीण चिंता जता रहे हैं कि कचरा संयंत्र लगने से पेयजल स्रोतों में गंभीर प्रदूषण फैलेगा। गौशाला में कचरे की थैलियां और गंदगी पहुंचने से मवेशियों में बीमारियां बढ़ेंगी और पूरे क्षेत्र में स्वास्थ्य संकट खड़ा हो जाएगा।

गोरक्षा दल के संयोजक मैसी चौधरी ने स्पष्ट रूप से कहा कि ग्रामीण पर्यावरण और जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं करेंगे। उनकी मांग है कि कचरा संयंत्र को तुरंत नेतेवाला की मूल जगह पर वापस स्थानांतरित किया जाये।

धरने पर बैठे ग्रामीण एकजुट दिख रहे हैं और कह रहे हैं कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती, वे अपना विरोध जारी रखेंगे। विरोध के कारण ग्रामीण सेवा शिविर में आज कोई काम नहीं हो सका।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित