हरिद्वार , मई 25 -- उत्तराखंड में हरिद्वार जनपद में कचरा एवं ठोस अपशिष्ट के उचित निस्तारण को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में जिला कार्यालय सभागार में सोमवार को आयोजित बैठक में शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए संबंधित विभागों को विस्तृत निर्देश दिए गए।
बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद के सभी क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को प्राथमिकता देते हुए गीले और सूखे कूड़े को पृथक कर उसका वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायत, जिला पंचायत एवं पंचायतीराज विभाग को क्षेत्रवार कार्ययोजना बनाकर नियमित सफाई अभियान संचालित करने के निर्देश दिए।
ग्रामीण क्षेत्रों में कचरा प्रबंधन को लेकर जिला पंचायत राज अधिकारी को ग्राम प्रधानों एवं जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर गांवों से निकलने वाले कचरे के उचित निस्तारण की व्यवस्था विकसित करने को कहा गया।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि घरों, फैक्ट्रियों, दुकानों, होटल-ढाबों और चिकित्सालयों से निकलने वाले कचरे के पृथक संग्रहण और निस्तारण के लिए ठोस योजना तैयार की जाए। विशेष रूप से प्लास्टिक कचरा, मेडिकल वेस्ट, सेनेटरी नैपकिन और डायपर जैसे अपशिष्टों के सुरक्षित निस्तारण के लिए कूड़ा वाहनों में चार अलग-अलग कंटेनर रखने के निर्देश दिए गए।
बैठक में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले अपशिष्ट की निगरानी करने और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। वहीं जिला शिक्षा अधिकारी को स्वच्छता अभियान में छात्र-छात्राओं की भागीदारी बढ़ाने तथा निबंध और पेंटिंग प्रतियोगिताएं आयोजित कराने के निर्देश दिए गए।
स्वच्छता अभियान की निगरानी के लिए सभी विभागों से प्रतिदिन रिपोर्ट मांगी गई है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि सफाई कार्यों की जानकारी उपलब्ध नहीं कराने वाले विभागों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने आमजन से भी स्वच्छता अभियान में सहयोग की अपील करते हुए कहा कि सुझाव और शिकायत के लिए विकास भवन स्थित स्वच्छता कंट्रोल रूम के दूरभाष नंबर 8273371714 पर संपर्क किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि हरिद्वार चारधाम यात्रा का प्रवेश द्वार होने के साथ ही प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थल भी है, ऐसे में श्रद्धालुओं और पर्यटकों को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है।
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