जगदलपुर , मई 17 -- ) छत्तीसगढ़ में बस्तर के माओवादी प्रभावित और दुर्गम माने जाने वाले ककनार घाटी क्षेत्र में अब विकास की नयी तस्वीर दिखाई देने लगी है। जिन गांवों तक कभी पहुंचना भी जोखिम भरा माना जाता था, वहां अब 'मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा योजना' के तहत नियमित बस सेवा संचालित हो रही है। इससे कुधूर, धरमाबेड़ा, चंदेला, ककनार और पालम जैसे सुदूर गांव सीधे जिला मुख्यालय जगदलपुर से जुड़ गए हैं।
बस्तर जिले में इस योजना की शुरुआत चार अक्टूबर 2025 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री द्वारा की गई थी। योजना के अंतर्गत जिले के चयनित मार्गों पर नियमित बसों का संचालन किया जा रहा है।
क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण रायपुर द्वारा स्वीकृत समय-सारणी के अनुसार बस सेवा प्रतिदिन कोण्डागांव जिले के मर्दापाल से प्रारंभ होकर ककनार घाटी के नीचे बसे गांवों से गुजरते हुए संभाग मुख्यालय जगदलपुर तक संचालित हो रही है। इससे ग्रामीणों को शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार और प्रशासनिक सेवाओं तक पहुंचने में बड़ी सुविधा मिल रही है।
ग्रामीणों के अनुसार पहले सड़क और परिवहन सुविधा के अभाव में लोगों को लंबी दूरी पैदल तय करनी पड़ती थी। अब पक्की सड़क और नियमित बस सेवा शुरू होने से क्षेत्र में विकास गतिविधियों को नई गति मिली है। चंदेला के सरपंच तुलाराम नाग ने कहा कि पहले माओवादी प्रभाव के कारण विकास कार्य बाधित थे, लेकिन अब सड़क निर्माण और परिवहन सुविधा से क्षेत्र में बदलाव स्पष्ट दिखाई दे रहा है। वहीं ककनार के सरपंच बलीराम बघेल ने कहा कि अब तहसील और जिला मुख्यालय तक पहुंचना पहले की तुलना में काफी आसान हो गया है। ग्रामीण बस सेवा को स्थानीय लोग क्षेत्र में विकास, विश्वास और मुख्यधारा से जुड़ाव का प्रतीक मान रहे हैं।
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