देहरादून , मार्च 09 -- अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष पर महिला सशक्तिकरण के संकल्प को धरातल पर उतारने के लिये राष्ट्रीय महिला आयोग ने महिला आयोग आपके द्वार अभियान चलाया है। राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल की अध्यक्षता और सदस्य विमला नैथानी की अध्यक्षता में आयोजित इस सत्र में कुल 25 शिकायकर्ताओं ने अपनी समस्याओं को आयोग के सम्मुख रखा।

इस अभियान के अंतर्गत सोमवार को पर्वतीय राज्य में इस विशेष मुहिम की औपचारिक शुरुआत की गई है। इस राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत देहरादून जिले के जिलाधिकारी कार्यालय परिसर स्थित कोषागार सभागार में एक महत्वपूर्ण जनसुनवाई का आयोजन किया गया।

जनसुनवाई के दौरान घरेलू हिंसा, आर्थिक सहायता, संपत्ति विवाद और जमीन धोखाधड़ी (लैंड फ्रॉड) जैसे कई गंभीर मामले सामने आए। अध्यक्ष कंडवाल ने कई संवेदनशील मामलों का मौके पर ही निस्तारण सुनिश्चित किया, जबकि कुछ जटिल मामलों को आगामी कार्रवाई के लिये प्रस्तावित करते हुए संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए।

इस जनसुनवाई के दौरान घरेलू हिंसा के दो मामलों में महिला आयोग के अध्यक्ष ने गंभीरता दिखाते हुए उन्हें सुलझाने का प्रयास किया गया तथा दोनों परिवारों को समझाते हुए से कुशलता के साथ रहने की सलाह दी तथा एक माह बाद दोबारा आयोग के सामने उपस्थित होने को कहा है।

वही देहरादून के अपर सारथी विहार से एक सीनियर सिटीजन ने आयोग की अध्यक्ष से उनकी 93 वर्षीय माता की पेंशन निकालने के लिए बैंक कर्मचारियों को घर न आने की शिकायत की गई जबकि पूर्व मे कर्मचारी घर आया करते थे। अध्यक्ष ने बैंक मेनेजर से वार्ता करके वृद्धा की समस्या के निस्तारण के आदेश दिए गए।

वहीं कोषागार सभागार में मौजूद संवाददाताओं को जानकारी देते हुए सुश्री कंडवाल ने कहा कि जो महिला दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं या पीड़िताएं अपनी पहुंच आयोग के मुख्यालय देहरादून तक नहीं बना सकती उनके लिए जनसुनवाई का आयोजन किया जा रहा है, ताकि समाज के अंतिम छोर पर बैठी पीड़िता को भी समयबद्ध और सुलभ न्याय मिल सके।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित