औरैया , जुलाई 21 -- उत्तर प्रदेश में औरैया जिले के थाना दिबियापुर क्षेत्र के मधवापुर गांव में एक बेहद हृदयविदारक घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। एक लंबे समय से बीमारी से जूझ रही पत्नी की मौत के बाद उसका वियोग पति बर्दाश्त नहीं कर सका और कुछ ही घंटों के भीतर दिल का दौरा पड़ने से उसकी भी मौत हो गई। मंगलवार को जब एक ही घर से पति और पत्नी की दो अर्थियां एक साथ निकलीं, तो पूरा गांव रो पड़ा।
आधिकारिक सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि मधवापुर गांव निवासी श्यामल दास (40) की पत्नी पिंकी (35) पिछले चार वर्षों से गंभीर रूप से टीबी की बीमारी से पीड़ित थीं। उनका इलाज कानपुर के एक निजी अस्पताल में चल रहा था। बीते सोमवार की शाम तबीयत अत्यधिक बिगड़ने के कारण पिंकी ने दम तोड़ दिया। पत्नी की असमय मौत से श्यामल दास को गहरा सदमा लगा और वे पूरी रात बेसुध स्थिति में रहे।
मंगलवार की सुबह परिजन और ग्रामीण अंतिम संस्कार की तैयारियां कर रहे थे। परंपरा के अनुसार अंतिम विदाई के समय जब श्यामल दास अपनी मृतक पत्नी की मांग में सिंदूर भर रहे थे, तभी वे सदमा सहन नहीं कर पाए और अचानक गश खाकर गिर पड़े। परिजनों द्वारा संभालते ही दिल का दौरा पड़ने से उनकी भी मौके पर ही मौत हो गई। एक ही दिन में माता और पिता दोनों का साया सिर से उठ जाने के कारण उनके दो छोटे-छोटे पुत्र पूरी तरह बेसहारा हो गए हैं।
इस दोहरे हादसे के बाद परिवार में कोहराम मच गया है और बच्चों के भविष्य तथा भरण-पोषण पर गहरा आर्थिक संकट मंडराने लगा है। सूचना मिलते ही भारी संख्या में ग्रामीणों ने पहुंचकर शोकाकुल परिजनों को ढांढस बंधाया। स्थानीय ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और शासन से गुहार लगाई है कि इस अनाथ हुए पीड़ित परिवार को तुरंत आर्थिक सहायता प्रदान की जाए और बच्चों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाकर उनके पुनर्वास की व्यवस्था की जाए।
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