नयी दिल्ली , अगस्त 28 -- खनन को छोड़कर सभी क्षेत्रों के अच्छे प्रदर्शन के दम पर देश के औद्योगिक उत्पादन में जुलाई में सालाना आधार पर 6.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी।

संशोधित आंकड़ों के अनुसार, इस साल जून में औद्योगिक वृद्धि दर 8.8 प्रतिशत और पिछले साल जुलाई में 5.4 प्रतिशत रही थी।

केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा शुक्रवार को जारी आंकड़ों में बताया गया है कि जुलाई में विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि दर 7.3 प्रतिशत रही। यह एक साल पहले के 5.1 प्रतिशत से अधिक है। सकल औद्योगिक उत्पादन सूचकांक में इसका भारांश 76 प्रतिशत से अधिक है।

बिजली एवं गैस आपूर्ति क्षेत्र में 8.7 प्रतिशत और जलापूर्ति, सीवरेज एवं अपशिष्ट प्रबंधन की वृद्धि दर 5.4 फीसदी दर्ज की गयी।

वहीं, विनिर्माण के बाद सबसे ज्यादा 11 प्रतिशत से ऊपर भारांश रखने वाले खनन क्षेत्र में एक साल पहले के मुकाबले 0.9 प्रतिशत की गिरावट देखी गयी। इसमें पिछले साल जुलाई में 10.7 प्रतिशत और इस साल जून में 1.6 प्रतिशत की वृद्धि रही थी।

चालू वित्त वर्ष के पहले चार महीने में अप्रैल से जुलाई के बीच औद्योगिक उत्पादन में 6.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी है। एक साल पहले इसी अवधि में इसमें चार प्रतिशत की वृद्धि हुई थी।

इस दौरान विनिर्माण क्षेत्र में उत्पादन सात प्रतिशत और बिजली एवं गैस आपूर्ति में 8.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी। जलापूर्ति, सीवरेज एवं अपशिष्ट प्रबंधन का सूचकांक 6.3 प्रतिशत बढ़ा। खनन क्षेत्र में सालाना आधार पर 1.1 प्रतिशत की गिरावट रही।

विनिर्माण क्षेत्र के तहत 23 प्रमुख वर्गों में से 19 में उत्पादन बढ़ा है। उत्पादन वृद्धि में सबसे अधिक योगदान वाहन विनिर्माण 22.2 प्रतिशत, बिजली के उपकरण (28.3 प्रतिशत) और मशीनरी एवं उपकरण (12.1 प्रतिशत) का रहा।

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