धार , जुलाई 07 -- मध्यप्रदेश के धार जिले के आदिवासी बहुल क्षेत्रों में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत राशन वितरण में कथित अनियमितताओं के मामले सामने आने पर खाद्य विभाग की टीम ने औचक निरीक्षण किया। जांच में स्टॉक संबंधी गड़बड़ियां मिलने के बाद पुलिस ने तीन राशन दुकान संचालकों के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

आधिकारिक जानकारी के अनुसार कलेक्टर राजीव रंजन मीणा के निर्देशन तथा एसडीएम विशाल धाकड़ और जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी श्रीराम बार्डे के मार्गदर्शन में कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी सुनीता मसराम सहित विभागीय टीम ने विभिन्न शासकीय उचित मूल्य की दुकानों का निरीक्षण किया।

जांच के दौरान कुक्षी विकासखंड के ग्राम बड़दा स्थित शासकीय उचित मूल्य की दुकान बंद मिली। निरीक्षण में पोर्टल पर दर्ज स्टॉक की तुलना में दुकान में लगभग 179 क्विंटल गेहूं, 91 क्विंटल चावल तथा अन्य खाद्यान्न अधिक मात्रा में पाया गया, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत करीब 8.73 लाख रुपये बताई गई है।

इसी संचालक द्वारा संचालित डही विकासखंड के ग्राम रणगांव की शासकीय उचित मूल्य की दुकान के निरीक्षण में पोर्टल पर दर्ज स्टॉक के अनुरूप खाद्यान्न मौके पर उपलब्ध नहीं मिला। जांच में 141 क्विंटल गेहूं, 65 क्विंटल चावल तथा नमक एवं शक्कर का स्टॉक गायब पाया गया, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत लगभग 6.63 लाख रुपये आंकी गई है।

बाग विकासखंड के ग्राम मगराद में साईं बाबा स्वयं सहायता समूह द्वारा संचालित राशन दुकान के निरीक्षण में भी सार्वजनिक वितरण प्रणाली के नियमों और शासकीय दिशा-निर्देशों का पालन नहीं पाया गया। विभागीय टीम ने पंचनामा बनाकर मामले को आगे की कार्रवाई के लिए जिला कार्यालय भेज दिया है।

कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी सुनीता मसराम ने कहा कि शासकीय उचित मूल्य की दुकानों का नियमित आकस्मिक निरीक्षण किया जाता है। उन्होंने कहा कि आम लोगों को समय पर पूरा राशन उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिकता है और वितरण में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित लोगों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

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