हैदराबाद , अक्टूबर 20 -- ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) अध्यक्ष और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी तथा जमीयत उलेमा-ए-हिंद के एक प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू से रेस कोर्स मस्जिद मामले में हस्तक्षेप करने और इसे गिराने की प्रस्तावित कार्रवाई को रोकने का आग्रह किया है।

उन्होंने बताया कि यह मस्जिद 1977 से ही एक गजटेड वक्फ संपत्ति है। खबरों के अनुसार भूमि एवं विकास कार्यालय (एलएंडडीओ) ने मस्जिद परिसर में मौजूद लोगों को जगह खाली करने के लिए छह दिन का नोटिस दिया है। इसके साथ ही मस्जिद की बिजली और पानी की आपूर्ति भी काट दी गई है।

श्री ओवैसी ने सोशल मीडिया पर आरोप लगाया कि 1977 से 'गजटेड वक्फ संपत्ति' होने के बावजूद वक्फ बोर्ड न तो इस विध्वंस आदेश को चुनौती दे पाया और न ही मामले को सुलझाने के लिए कोई कदम उठा सका। उन्होंने तर्क दिया कि वक्फ संशोधन अधिनियम के तहत उपयोग के आधार पर वक्फ के रूप में वर्गीकृत होने के कारण यह मस्जिद संरक्षित है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों द्वारा हस्तक्षेप न किए जाने पर सवाल भी उठाए।

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