पटना , जनवरी 20 -- राज्य सरकार की ओवरसीज योजना के अंतर्गत विदेश जाने वाले बिहार के अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के छात्र- छात्राओं को छात्रवृत्ति प्रदान की जायेगी।
इस प्रस्ताव पर केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ वीरेंद्र कुमार ने सहमति जता दी है।
मंगलवार को नई दिल्ली में बिहार के अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री लखेंद्र पासवान ने केंद्रीय मंत्री और विभागीय सचिव के साथ बैठक कर विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं पर चर्चा की। बैठक में उन्होंने नेशनल ओवरसीज स्कीम के तहत बिहार के एससी-एसटी छात्रों को छात्रवृत्ति देने का प्रस्ताव रखा, जिसे केंद्रीय मंत्री ने स्वीकार कर लिया है।
इसके अलावा मंत्री लखेंद्र पासवान ने एससी-एसटी छात्रों के शैक्षणिक उत्थान के लिये नये छात्रावासों के निर्माण की आवश्यकता पर जोर दिया और प्रति छात्र 3.5 से 4 लाख रुपये की दर से केंद्र से अनुदान की मांग रखी। इस प्रस्ताव पर भी केंद्रीय मंत्री ने सहमति व्यक्त की।
साथ ही 'प्रधानमंत्री अजेय योजना' के तहत 40 प्रतिशत अथवा 500 से अधिक एससी आबादी वाले गांवों को प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के अंतर्गत प्रति गांव 20 लाख रुपये (गैप फिलिंग) देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है। बैठक में अनुसूचित जाति- अनुसूचित जनजाति टोलों में सोलर लाइट और अन्य विकासात्मक योजनाओं को शामिल करने पर भी चर्चा हुई।
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