तिरुवनंतपुरम , अक्टूबर 23 -- सिक्किम के पूर्व राज्यपाल एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता ओम प्रकाश माथुर ने शुक्रवार को यहां लोक भवन सभागार में आयोजित एक समारोह में केरलम् के 29वें राज्यपाल के रूप में शपथ ली।केरल उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश सौमेन सेन ने मुख्यमंत्री वी डी सतीशन, विधानसभा अध्यक्ष तिरुवंचूर राधाकृष्णन, गृह मंत्री रमेश चेन्निथला, अन्य मंत्रियों, जन प्रतिनिधियों और वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों की मौजूदगी में श्री माथुर को पद की शपथ दिलाई।

सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग पूर्वोत्तर राज्य के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ इस शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए।श्री माथुर ने राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर का स्थान लिया है, जिन्हें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा 12 अक्टूबर को घोषित राज्यपालों के फेरबदल के तहत तमिलनाडु स्थानांतरित किया गया है। श्री माथुर का केरलम् स्थानांतरण होने के बाद श्री दुष्यंत गौतम को सिक्किम का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है।

श्री माथुर गुरुवार को तिरुवनंतपुरम पहुंचे थे, जहां हवाईअड्डे के तकनीकी क्षेत्र में उनका औपचारिक स्वागत किया गया। श्री सतीशन के नेतृत्व में हुए इस स्वागत समारोह में विधानसभा अध्यक्ष राधाकृष्णन, मंत्री, मुख्य सचिव, महापौर वीवी राजेश और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित थे।

तिरुवनंतपुरम पहुंचने पर श्री माथुर ने केरलम् में एक नया अध्याय शुरू करने पर खुशी जताई। उन्होंने राज्य के विकास में अपना योगदान देने का विश्वास भी व्यक्त किया।

राजस्थान के पाली जिले के बेडल गांव में दो जनवरी 1952 को जन्मे श्री माथुर ने राजस्थान विश्वविद्यालय से स्नातक किया और इसके बाद 1972 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रचारक के रूप में सार्वजनिक जीवन में कदम रखा। उन्होंने 1979 तक राजस्थान के विभिन्न जिलों में कार्य किया और इसके बाद 1979 से 1989 तक किसान संघ के संगठन मंत्री रहे। आपातकाल के दौरान उन्हें 11 महीने जेल में भी रहना पड़ा था।

श्री माथुर ने भाजपा के संगठनात्मक ढांचे में लगातार प्रगति की और राष्ट्रीय स्तर की जिम्मेदारियां संभालने से पहले 1989 से 2002 तक इसकी राजस्थान इकाई के प्रदेश संगठन महामंत्री के रूप में सेवाएं दीं। वह पार्टी के अखिल भारतीय सचिव और राष्ट्रीय महासचिव रहे तथा 1989 से 2024 तक इसकी राष्ट्रीय कार्यसमिति से जुड़े रहे।

वर्ष 2008 में वह भाजपा की राजस्थान इकाई के प्रदेश अध्यक्ष बने और राज्यसभा पहुंचे। उन्होंने 2008 से 2014 और फिर 2016 से 2022 तक उच्च सदन में राजस्थान का प्रतिनिधित्व किया, जिस दौरान उन्होंने राज्यसभा आवास समिति के अध्यक्षका पद भी संभाला।

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