वाराणसी , जून 20 -- धार्मिक नगरी काशी अब अंतरराष्ट्रीय व्यापार और औद्योगिक प्रगति के मानचित्र पर भी अपनी नई पहचान दर्ज करा रही है। योगी सरकार द्वारा मजबूत कानून-व्यवस्था और उद्योग-अनुकूल माहौल का प्रभाव अब धरातल पर दिखाई देने लगा है। इसके साथ ही वाराणसी के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है।

काशी से पहली बार ओमान के लिए 40 मीट्रिक टन बिस्कुट का निर्यात किया गया है। अब ओमान के लोग भी चाय की चुस्कियों के साथ बनारसी बिस्कुट का स्वाद चखेंगे। वाराणसी से अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंची यह खेप एक बड़ी आर्थिक उपलब्धि मानी जा रही है। यह खेप वाराणसी के औद्योगिक क्षेत्र करखियांव फूड पार्क से आयोजित एक कार्यक्रम के बाद रवाना की गई।

यह खेप सड़क मार्ग से कानपुर स्थित इनलैंड कंटेनर डिपो पहुंचेगी। वहां सीमा शुल्क संबंधी सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद इसे जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट (जेएनपीटी), मुंबई भेजा जाएगा, जहां से समुद्री मार्ग के जरिए यह ओमान के लिए रवाना होगी।

डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ कमर्शियल इंटेलिजेंस एंड स्टेटिस्टिक्स (डीजीसीआईएस) के आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 में भारत से बिस्कुट एवं संबंधित उत्पादों का कुल निर्यात लगभग 3,642 करोड़ रुपये था। जिसमें उत्तर प्रदेश का योगदान करीब 33 करोड़ रुपये है।

बिस्कुट की यह खेप भारत और ओमान के बीच मजबूत होते द्विपक्षीय व्यापारिक संबंधों तथा प्रस्तावित व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (सीईपीए) को भी प्रदर्शित करती है। वाराणसी से बिस्कुट की यह पहली महत्वपूर्ण निर्यात खेप भविष्य में नए अवसरों के द्वार खोलेगी।

एपीडा के अध्यक्ष अभिषेक देव ने कहा कि वाराणसी जैसे लैंडलॉक्ड क्षेत्र से ओमान के लिए निर्यात होना एक ऐतिहासिक उपलब्धि है, जो सीईपीए के बाद और अधिक सुगम हुआ है। यह अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचने की आकांक्षा रखने वाले अन्य स्थानीय निर्यातकों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगा।

एपीडा के क्षेत्रीय प्रमुख डॉ. सी.बी. सिंह ने बताया कि वाराणसी क्षेत्र से कृषि निर्यात को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इससे पहले यहां से आम, मिर्च और भिंडी जैसे ताजे उत्पाद विदेशों में भेजे जा चुके हैं। पिछले वर्ष शारजाह के बाजार में बिस्कुट निर्यात की शुरुआत हुई थी और अब ओमान के रूप में पूर्वांचल के उद्योगों के लिए एक और बड़ा बाजार खुल गया है।

कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) द्वारा आयोजित इस विशेष कार्यक्रम के तहत वाराणसी स्थित निर्माता-निर्यातक मैसर्स तिरुपति बालाजी इंडस्ट्रीज प्रा. लि. ने बिस्कुट की 40 मीट्रिक टन खेप को रवाना किया। एपीडा स्थानीय निर्यातकों को लगातार वैश्विक मंच उपलब्ध करा रहा है। इसी क्रम में निर्यातक को आहार-2026 तथा गल्फूड-2026 जैसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेलों में सहभागिता कराई गई, जिसके परिणामस्वरूप बनारसी उत्पादों को विदेशी बाजारों में पहचान और नए खरीदार मिले।

मैसर्स तिरुपति बालाजी इंडस्ट्रीज प्रा. लि. के निदेशक प्रतीक अग्रवाल ने बताया कि योगी सरकार की उद्योग एवं निर्यात समर्थक नीतियों ने उत्तर प्रदेश को वैश्विक व्यापार का नया केंद्र बनाने की मजबूत नींव रखी है। हमारा विजन वाराणसी से कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों को दुनिया के अधिक से अधिक देशों तक पहुंचाकर किसानों, उद्योगों और स्थानीय युवाओं के लिए नए अवसर सृजित करना है।

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