नयी दिल्ली , जून 11 -- ओमान के तट पर भारतीय चालक दल वाले जहाजों पर हमले का सिलसिला रूक नहीं रहा है और गुरुवार को भी शिनास बंदरगाह के पास 20 भारतीय नाविकों वाले एक और जहाज़ पर हमला हुआ लेकिन इस पर सवार सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं।
यह पिछले एक सप्ताह में पश्चिम एशिया में भारतीय चालक दल के सदस्यों वाले जहाज़ों पर किया गया तीसरा हमला है, जिससे इलाक़े में बढ़ते तनाव के बीच व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
ओमान में भारतीय दूतावास ने तीसरे हमले की घटना की पुष्टि करते हुए कहा है कि वे स्थानीय अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में हैं। दूतावास ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, "हमें आज ओमान के शिनास बंदरगाह के पास एक जहाज़ से जुड़ी घटना के बारे में पता चला है। हम स्थिति पर बारीकी से नज़र रख रहे हैं और आगे की जानकारी के लिए स्थानीय अधिकारियों के साथ तालमेल बिठा रहे हैं।"जिस जहाज पर आज हमला किया गया उसका नाम एमटी जलवीर है और यह गिनी-बिसाऊ के झंडे वाला बिटुमेन टैंकर था, जो घटना के समय शिनास के पास से गुज़र रहा था।
बंदरगाह, जहाज़रानी और जलमार्ग मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल ने पश्चिम एशिया की स्थिति की जानकारी देने के लिए आयोजित संवाददाता सम्मेलन में इस हमले की पुष्टि करते हुए कहा कि ओमान की रॉयल नेवी की मदद से जहाज के चालक दल के सदस्यों को निकालने का काम तेज़ी से शुरू किया गया। उन्होंने कहा कि जहाज़ पर सवार सभी 20 भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और किसी के हताहत होने या घायल होने की कोई खबर नहीं है।
उन्होंने कहा," ताज़ा जानकारी के मुताबिक, क्रू सदस्यों को शिनास बंदरगाह तक निकालने का काम शुरू हो गया है। छह और लोगों को निकाला जाना है।" उन्होंने कहा कि मंत्रालय विदेश मंत्रालय , भारतीय नौसेना और अन्य अहम पक्षों के साथ लगातार संपर्क में है।
इससे पहले बुधवार को पलाऊ के झंडे वाले पोत एमटी सेटेबेलो पर हमले में तीन भारतीय नाविक मारे गये थे। भारत ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसकी निंदा की थी।
संवाददाता सम्मेलन में मौजूद विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत ने इस पर "कड़ा विरोध" दर्ज कराने के लिए अमेरिकी दूतावास में प्रभारी राजदूत को तलब किया था। उन्होंने दोहराया कि सरकार "भारतीय नाविकों की भलाई और सुरक्षा को सबसे ज़्यादा अहमियत देती है।"श्री जायसवाल ने कहा, " कल हमने ओमान तट के पास एक जहाज़ पर हुए हमले की निंदा की, जिसमें दुर्भाग्य से हमने तीन भारतीय नागरिकों को खो दिया। हमने कड़ा विरोध दर्ज कराने के लिए अमेरिकी चार्ज डी'अफेयर्स को यहाँ तलब किया था।" उन्होंने समुद्री हमलों के लगातार जारी रहने को "बेहद चिंताजनक और इलाके में चल रहे संघर्ष का सीधा नतीजा" बताया और हिंसा को खत्म करने की पुरज़ोर अपील की। उन्होंने कहा कि जहाजों पर हमले बंद होने चाहिए। भारत बातचीत और कूटनीति का आह्वान करता है ताकि इलाके में जल्द से जल्द शांति और स्थिरता लौट सके।
पिछले सात दिनों में हुई तीन घटनाओं ने दुनिया के सबसे अहम और अब तेज़ी से अस्थिर होते समुद्री रास्तों में से एक पर भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है।
उल्लेखनीय है कि पश्चिम एशिया के अलग-अलग हिस्सों में व्यापारिक जहाजों पर भारत के करीब सवा तीन लाख नाविक मौजूद हैं।
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