चेन्नई , जून 03 -- भारत-ओमान व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (सीईपीए) के तहत ओमान के लिये ठंडी की गयी मछली (कोल्ड फिश) की पहली खेप को चेन्नई एयर कार्गो कॉम्प्लेक्स से रवाना किया गया।
भारत के समुद्री खाद्य निर्यात क्षेत्र को एक बड़ा बढ़ावा देने वाली इस ऐतिहासिक खेप को मैसर्स एक्वा वर्ल्ड एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड ने निर्यात किया। इस खेप को सीमा शुल्क की सहायक आयुक्त सुश्री मणीमेगालाई सेल्वम ने ए जयबाल (संयुक्त निदेशक, एमपीडा), जी. जयपालन (संयुक्त निदेशक, ईआईए चेन्नई), सुब्रमण्यन (सहायक प्रबंधक, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण), अभिजीत (प्रबंध भागीदार, एक्वा वर्ल्ड एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड, चेन्नई) और हवाई सीमा शुल्क के अन्य अधिकारियों की उपस्थिति में औपचारिक रूप से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
आधिकारिक जानकारी के मुताबिक यह समझौता झींगा, मछली और कट्टलफिश जैसे प्रमुख समुद्री उत्पादों पर आयात शुल्क को 5 प्रतिशत से घटाकर 0 प्रतिशत करके भारतीय निर्यातकों को तत्काल प्रतिस्पर्धी बढ़त प्रदान करता है। यह जल्दी खराब होने वाली वस्तुओं के लिये सीमा शुल्क मंजूरी को तेज करने हेतु एक समर्पित सेनेटरी एंड फाइटोसैनिटरी (एसपीएस) ढांचा भी स्थापित करता है। इससे यह क्षेत्र ओमान व्यापक खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) और पूर्वी अफ्रीकी बाजारों में उच्च मूल्य वाले समुद्री भोजन के पुन: निर्यात के लिये एक समुद्री प्रवेश द्वार के रूप में स्थापित हो सके। तमिलनाडु इस ऐतिहासिक समझौते के प्रमुख लाभार्थी के रूप में उभर कर सामने आया है। एक विस्तृत तटरेखा, आधुनिक मछली पकड़ने के बंदरगाहों और उन्नत प्रसंस्करण बुनियादी ढांचे से समृद्ध इस राज्य ने ओमान के साथ पहले से ही एक मजबूत व्यापारिक पहचान स्थापित कर ली है।
वर्ष 2024-25 के दौरान, तमिलनाडु ने ओमान को करीब 25 करोड़ रुपये मूल्य के 2,279 टन समुद्री भोजन का निर्यात किया, जबकि 2025-26 के अस्थाई आंकड़े उच्च मूल्य वाले उत्पादों की ओर बढ़ते झुकाव को दर्शाते हैं, जिसमें 17.35 करोड़ रुपये मूल्य के 647 टन का निर्यात किया गया है। चेन्नई और अन्य क्षेत्रीय बंदरगाहों की पश्चिम एशिया के गंतव्यों से निकटता जमे हुये, जीवित और ठंडे किये गये उत्पादों की तेज शिपमेंट सुनिश्चित करती है। इससे गुणवत्ता का बेहतर रखरखाव और बेहतर बाजार मूल्य की गारंटी मिलती है।
इस समझौते से तमिलनाडु के समुद्री खाद्य निर्यातकों को उत्पादन बढ़ाने, मूल्य संवर्धित प्रसंस्करण में निवेश करने, कोल्ड-चेन लॉजिस्टिक्स को मजबूत करने और ओमान के उपभोक्ताओं की प्राथमिकताओं के अनुरूप नये उत्पादों को तलाशने के लिये प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है। यह बढ़ी हुई निर्यात आय, रोजगार सृजन और राज्य के समुद्री खाद्य उद्योग के समग्र विकास में योगदान देगा। ओमान को कोल्ड फिश की पहली खेप का सफल निर्यात उच्च मूल्य वाले समुद्री भोजन के निर्यात का विस्तार करने और अंतर्राष्ट्रीय समुद्री खाद्य बाजारों में अपनी स्थिति मजबूत करने की भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
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