नोएडा , अप्रैल 13 -- उत्तर प्रदेश के नोएडा सेक्टर 39 स्थित जिला संयुक्त चिकित्सालय अस्पताल में सोमवार को अचानक बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) में मरीजों की भारी भीड़ उमड़ी। एक ही दिन में करीब चार हजार मरीजों ने इलाज के लिए पंजीकरण कराया, जो स्वास्थ्य सेवाओं पर लगातार बढ़ते दबाव को दर्शाता है। अस्पताल प्रशासन के लिए यह आंकड़ा एक बड़ी चुनौती के रूप में सामने आया है।
जिला अस्पताल चिकित्सा अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया गया कि, इन मरीजों में से 2944 मरीजों का पंजीकरण आभा (आभा) स्कैन के माध्यम से किया गया, जिससे डिजिटल हेल्थ सिस्टम की बढ़ती उपयोगिता भी सामने आई है।
वहीं श्री अमरनाथ यात्रा से जुड़े 460 श्रद्धालु भी ओपीडी में पहुंचे जो मरीजों में शामिल रहे। तीर्थ यात्रा सीजन के चलते बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने से अस्पतालों पर अतिरिक्त भार पड़ रहा है। जिसमें श्रद्धालुओं के परीक्षण के लिए विशेष स्वास्थ केंद्र तैयार किया गया है।
अस्पताल में सर्जिकल गतिविधियां भी तेज रहीं। जिसमें 27 नेत्र (आई) ऑपरेशन किए गए। जनरल ओटी में छह माइनर और पांच मेजर सर्जरी की गईं। इससे स्पष्ट है कि अस्पताल में न केवल ओपीडी बल्कि ऑपरेशन थियेटर पर भी काम का दबाव बना हुआ है।
सबसे ज्यादा चिंता की बात कुत्ते के काटने (डॉग बाइट) के बढ़ते मामले हैं। जिसमें 56 नए मामले सामने आए तथा 333 पुराने मरीज शामिल रहे। कुल मिलाकर 399 मामले दर्ज किए गए। यह आंकड़ा क्षेत्र में आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या को उजागर करता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, समय पर एंटी-रेबीज वैक्सीन न लगने पर यह स्थिति गंभीर हो सकती है।
अस्पताल प्रशासन का कहना है कि लगातार बढ़ रही मरीजों की संख्या को देखते हुए अतिरिक्त डॉक्टर, स्टाफ और संसाधनों की आवश्यकता महसूस की जा रही है। यदि समय रहते व्यवस्थाओं को सुदृढ़ नहीं किया गया, तो मरीजों को समय पर उपचार देना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
एक दिन में लगभग 4000 मरीजों का ओपीडी में पहुंचना यह संकेत देता है कि क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की मांग तेजी से बढ़ रही है। वहीं, डॉग बाइट जैसे मामलों में उछाल स्थानीय प्रशासन के लिए चेतावनी है कि आवारा पशुओं पर नियंत्रण और जन जागरूकता दोनों पर तत्काल काम करने की जरूरत है।
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