भुवनेश्वर , मई 19 -- ओडिशा सतर्कता विभाग के अधिकारियों ने मंगलवार को कालाहांडी जिले के कार्यकारी अभियंता भुवनेश्वर साबर के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए उनके 6 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी कर करोड़ों रुपये की संपत्ति का खुलासा किया है।

सतर्कता विभाग की जांच के दायरे में आए अधिकारी की पहचान कार्यकारी अभियंता भुवनेश्वर साबर के रूप में हुई है, जो अभी भवानीपटना में सड़क एवं भवन प्रभाग में काम कर रहे हैं और कार्यकारी अभियंता का अतिरिक्त प्रभार भी संभाल रहे हैं।

सतर्कता विभाग के सूत्रों के हवाले से छह पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी), आठ निरीक्षक और दूसरे सहायक कर्मचारियों की अगुवाई वाली टीमें छह जगहों पर एक साथ तलाशी ले रही हैं। ये छापे विशेष न्यायाधीश सतर्कता, भवानीपटना द्वारा जारी सर्च वारंट के आधार पर मारे जा रहे हैं।

अब तक की गई तलाशी के दौरान सतर्कता विभाग के अधिकारियों को अभियंता की चार मंजिली इमारत, 33 प्लॉट में फैली 39.64 एकड़ जमीन, नौ एकड़ का एक फार्महाउस और आठ केबिन वाला एक बाजार परिसर मिला है। अधिकारियों ने कहा कि सतर्कता तकनीकी विभाग अभी इमारत, फार्महाउस, बाजार परिसर और जमीन की संपत्ति की कीमत का आकलन कर रही है।

बैंक जमा, डाक जमा और दूसरे वित्तीय साधनों में निवेश का विस्तार से सत्यापन भी किया जा रहा है। सतर्कता विभाग ने कहा कि साबर 1 जुलाई 1999 को कनिष्ठ अभियंता के तौर पर सरकारी नौकरी में शामिल हुए थे। शुरू में उनका वेतन 6,000 रुपये प्रति महीना था। उन्हें सबसे पहले कोरापुट संभाग के सड़क एवं भवन सुनाबेडा खंड में तैनात किया गया था और उन्होंने 2003 तक वहीं काम किया।

उन्हें 2003 से 2006 तक सड़क एवं भवन नबरंगपुर खंड में तैनात किया गया और उसके बाद 2007 से 2013 तक भवानीपटना में काम किया। उन्हें 2013 में सहायक अभियंता के पद पर तरक्की दी गई और वे भवानीपटना में ही रहे। उन्हें 2016 में सहायक कार्यकारी अभियंता के पद पर तरक्की दी गई और उन्हें धरमगढ़ में सड़क एवं भवन उपसंभाग में तैनात किया गया, जहां उन्होंने 2024 तक काम किया।

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