भुवनेश्वर , सितंबर 20 -- ओडिशा मैरीटाइम बोर्ड ने समुद्री संसाधनों के कुशल उपयोग, बंदरगाह बुनियादी ढांचे के विस्तार, पोत निर्माण, कार्गो परिवहन और क्रूज पर्यटन के माध्यम से राज्य की समुद्री अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए समन्वित उपायों पर बल दिया है।
मुख्य सचिव अनु गर्ग की अध्यक्षता में शनिवार को आयोजित बोर्ड की उच्च स्तरीय बैठक में विभिन्न समुद्री परियोजनाओं की प्रगति और इस क्षेत्र के एकीकृत विकास के लिए उठाए जा रहे कदमों की समीक्षा की गई। बैठक में बंदरगाह अवसंरचना के विस्तार, अंतर्देशीय जलमार्ग कनेक्टिविटी, नए बंदरगाहों के विकास और बोर्ड के मानव संसाधनों को सुदृढ़ करने पर गहन चर्चा हुई। इस दौरान केंद्रपाड़ा जिले के महाकालपाड़ा में प्रस्तावित बड़े शिपबिल्डिंग क्लस्टर की प्रगति का भी जायजा लिया गया।
बैठक में गोपालपुर पोर्ट पर बढ़ते कार्गो यातायात को ध्यान में रखते हुए एनएच-16 को छत्रपुर के पास गोपालपुर पोर्ट से जोड़ने वाली लगभग 4.5 किलोमीटर लंबी, फोर-लेन ग्रीनफील्ड सड़क के निर्माण के प्रस्ताव पर विचार किया गया। यह परियोजना भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, राज्य लोक निर्माण विभाग और गोपालपुर पोर्ट अधिकारियों द्वारा संयुक्त रूप से शुरू की जानी प्रस्तावित है।
इसके अतिरिक्त, धामरा और गोपालपुर बंदरगाहों पर कंटेनर टर्मिनलों के विकास पर भी चर्चा हुई। आयात-निर्यात व्यापार को बढ़ावा देने और कार्गो हैंडलिंग क्षमता बढ़ाने के लिए कंटेनर फ्रेट स्टेशनों, सीमा शुल्क नियंत्रित क्षेत्रों और मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स सेंटरों के लिए भूमि चिन्हित की जाएगी।
बैठक में पुरी के निकट प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय क्रूज टर्मिनल की प्रगति की समीक्षा की गई। साथ ही, बंदरगाहों के निकट नई तटीय भूमि की पहचान के लिए जीआईएस-आधारित मानचित्र तैयार करने और एक रणनीतिक मैरीटाइम लैंड बैंक बनाने पर भी विचार किया गया।
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