भुवनेश्वर , मई 04 -- ओडिशा सरकार ने राज्य में सरकारी एवं निजी (रैयती) भूमि के अभिलेख को नियंत्रित करने वाली मौजूदा मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) नियमावली की व्यापक समीक्षा एवं संशोधन करने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है।

राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव, अरबिंदा पाधी ने सोमवार को अधिकारियों को सरकारी एवं निजी दोनों प्रकार की भूमि को दर्ज करने की प्रक्रिया के लिए एसओपी का मसौदा तैयार करने का निर्देश दिया है।

मौजूदा एसओपी नियमावली अंतिम बार 1990 में प्रकाशित हुई थी। पिछले तीन दशकों में नीतियों, कानूनों, प्रशासनिक तंत्रों एवं प्रक्रियात्मक संरचनाओं में हुए महत्वपूर्ण परिवर्तनों के मद्देनजर सरकार ने यह निर्णय लिया है कि अब इसका व्यापक संशोधन आवश्यक है।

इस समिति की अध्यक्षता राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के विशेष सचिव करेंगे। इसके सदस्यों में समेकन एवं बंदोबस्त के अतिरिक्त सचिव, ओडिशा के भूमि अभिलेख एवं सर्वेक्षण निदेशक, ओडिशा के राजस्व बोर्ड के सचिव और राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के संयुक्त सचिव शामिल हैं जो सदस्य-संयोजक के रूप में कार्य करेंगे।

यह पैनल 1990 की एसओपी की समीक्षा करेगा और उस समय से लागू किए गए सभी कानूनों, विनियमों, सरकारी परिपत्रों और प्रशासनिक निर्देशों की जांच करेगा और व्यापक पहुंच और प्रभावी कार्यान्वयन के लिए सरल ओडिया एवं अंग्रेजी भाषाओं में एक नया एसओपी मसौदा तैयार करेगा।

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