भुवनेश्वर , अप्रैल 04 -- ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने शनिवार को राज्य स्तरीय स्कूल नामांकन महोत्सव और पारंपरिक 'खड़ीछुआं' समारोह के दौरान छोटे बच्चों को औपचारिक शिक्षा की दुनिया में प्रवेश दिलाया।
ओड़िया संस्कृति में औपचारिक शिक्षा की पवित्र शुरुआत माने जाने वाले इस 'खड़ीछुआं' समारोह को इस वर्ष पूरे राज्य के गांवों और स्थानीय इलाकों में उत्सव के रूप में मनाया जा रहा है।
राज भवन सरकारी उच्च प्राथमिक विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बच्चों को स्लेट पर चॉक से "मां" और "पिता" लिखवाकर उनकी शिक्षा की पहली सीढ़ी का मार्गदर्शन किया।
मुख्यमंत्री ने बच्चों के साथ आत्मीयता से बातचीत की और एक शिक्षक की तरह उनसे उनके माता-पिता, ननिहाल और उनके खान-पान के बारे में पूछा, जिससे बच्चों के लिए माहौल खुशहाल और सहज बन गया।
इससे पहले उन्होंने 'निपुण ओडिशा' और 'पढ़िबा गढ़िबा ओडिशा' जैसी पहलों के तहत विकसित नवीन शिक्षण-सामग्री की प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बच्चों को शैक्षणिक किट वितरित किए और ड्राइंग स्टॉल पर जाकर उनकी रचनात्मकता की सराहना की तथा बच्चों द्वारा बनाए गए चित्रों को स्नेहपूर्वक स्वीकार किया।
बच्चों और अभिभावकों को शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 'खड़ीछुआं' एक गहरी परंपरा है, जो परिवारों को बच्चों को स्कूल में नामांकित करने के लिए प्रेरित करती है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष से इस समारोह को सरकारी स्तर पर संस्थागत रूप दिया गया है ताकि प्रारंभिक शिक्षा को बढ़ावा मिल सके।
नामांकन बढ़ाने के लिए इस वर्ष राज्यभर में करीब पांच लाख निमंत्रण पत्र वितरित किए गए हैं। उन्होंने दोहराया कि सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे और पढ़ाई बच्चों के लिए डर नहीं, बल्कि रुचि और सम्मान का विषय बने।
भविष्य की योजनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप आंगनवाड़ी केंद्रों को धीरे-धीरे 'शिशु वाटिका' ढांचे के तहत प्री-प्राइमरी शिक्षा से जोड़ा जाएगा।
मुख्यमंत्री ने मीडिया से भी इस अभियान को जन-आंदोलन बनाने में सहयोग करने की अपील की और शिक्षकों को बच्चों की प्रतिभा को पहचानकर उसे विकसित करने की सलाह दी।
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने शिक्षा जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर स्कूल एवं जन शिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित थे।
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