भुवनेश्वर , अप्रैल 18 -- भारत की सेमीकंडक्टर महत्वाकांक्षाओं को बढ़ावा देते हुए ओडिशा दुनिया की सबसे उन्नत चिप पैकेजिंग तकनीकों में से एक के आगमन का गवाह बनने जा रहा है।
भुवनेश्वर में रविवार को 'हेटेरोजेनस इंटीग्रेशन पैकेजिंग सॉल्यूशंस' (3डी ग्लास सॉल्यूशंस) इकाई का शिलान्यास समारोह निर्धारित है। इस समारोह में मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी, केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) मंत्री अश्विनी वैष्णव और ओडिशा के इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री मुकेश महालिंग के साथ-साथ वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, वैश्विक उद्योग जगत के नेता, निवेशक और शिक्षा जगत के सदस्य शामिल होंगे।
यह परियोजना भारत की पहली एडवांस्ड सेमीकंडक्टर पैकेजिंग इकाई है जो ग्लास सबस्ट्रेट्स पर आधारित है, और यह अत्याधुनिक 3डी हेटेरोजेनस इंटीग्रेशन टेक्नोलॉजी पेश करती है। यह ओडिशा को अगली पीढ़ी के सेमीकंडक्टर विनिर्माण के लिए एक वैश्विक केंद्र के तौर पर स्थापित करने की दिशा में एक अहम कदम है।
केंद्रीय कैबिनेट द्वारा मंज़ूर और तेज़ी से लागू की जाने वाली इस परियोजना में लगभग 1,943 करोड़ रुपये का निवेश होगा। इससे लगभग 2,500 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोज़गार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है, और इसकी सालाना उत्पादन क्षमता 500 लाख असेंबल्ड इकाई की होगी। इस इकाई में बनने वाली चिप्स एयरोस्पेस, रक्षा, कृत्रिम बुद्धिमता , 5जी तकनीक और डेटा केंद्रों जैसे अहम क्षेत्रों की ज़रूरतों को पूरा करेंगी, जो इसके रणनीतिक महत्व को दर्शाता है। इस विकास के साथ, ओडिशा भारत का पहला ऐसा राज्य बन गया है जहाँ कंपाउंड सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन यूनिट और ग्लास सबस्ट्रेट्स पर आधारित एडवांस्ड 3डी चिप पैकेजिंग यूनिट, दोनों मौजूद हैं, जिससे इसका सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम और भी मज़बूत होगा।
यह पहल राज्य सरकार की हाई-टेक उद्योगों को बढ़ावा देने, वैश्विक निवेश आकर्षित करने और 'आत्मनिर्भर भारत' के विज़न के अनुरूप एक नवाचार -आधारित अर्थव्यवस्था बनाने की प्रतिबद्धता को उजागर करती है।
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