भुवनेश्वर , अक्टूबर 08 -- राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) की पूर्वी पीठ ने ओडिशा के नयागढ़ जिले में आरक्षित वन और सरकारी जमीन से अवैध कब्जे हटाने के अपने आदेश का पालन न करने पर अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
एनजीटी ने इन अधिकारियों को कार्रवाई करने के लिए एक महीने का अल्टीमेटम दिया है। ये नोटिस एनजीटी की पूर्वी पीठ ने याचिकाकर्ता श्रीकांत डैश की अर्ज़ी पर सुनवाई करते हुए जारी किए।
याचिकाकर्ता ने न्यायाधिकरण का ध्यान इस बात की ओर दिलाया कि 14 फरवरी, 2025 के उसके आदेश को लागू नहीं किया गया था। न्यायाधिकरण ने खोर्धा के प्रभागीय वन अधिकारी (डीएफओ) और नयागढ़ कलेक्टर को निर्देश दिया था कि वे कब्ज़े हटाएं, मनिनाग आरक्षित वन में प्रभावित ज़मीन को पहले जैसी स्थिति में लाएं और आरक्षित वन को हुए नुकसान के लिए पर्यावरण मुआवज़े का आकलन कर उसे वसूलें। अधिकारियों को पालन करने के लिए एक महीने का समय दिया गया था।
निर्देशों का पालन न होने के आरोपों के बाद न्यायाधिकरण की पीठ ने सभी प्रतिवादियों को अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। प्रतिवादियों में ओडिशा के मुख्य सचिव, वन और राजस्व विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, पीसीसीएफ, नयागढ़ कलेक्टर, डीएफओ खोर्धा, ओडिशा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के सचिव और कब्ज़ेदार स्वराज महंती और रंगीन महंती शामिल हैं।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित