जगदलपुर , अक्टूबर 13 -- ओडिशा में भूस्खलन के कारण रेल यातायात प्रभावित होने का असर छत्तीसगढ़ के ऐतिहासिक बस्तर दशहरा पर्व के पर्यटन कारोबार पर पड़ने लगा है। जगदलपुर आने वाले कुछ पर्यटकों ने अपनी पूर्व निर्धारित होटल बुकिंग रद्द करानी शुरू कर दी है, जिससे स्थानीय होटल व्यवसायियों की चिंता बढ़ गई है।
होटल कारोबारियों से मंगलवार को मिली जानकारी के अनुसार रेल सेवाओं में व्यवधान के कारण बस्तर दशहरा में शामिल होने की योजना बना रहे पर्यटकों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसका सीधा असर होटल व्यवसाय पर दिखाई देने लगा है। पर्यटन से जुड़े कारोबारियों को आशंका है कि रेल यातायात जल्द सामान्य नहीं होने पर स्थानीय पर्यटन उद्योग को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
उल्लेखनीय है कि बस्तर दशहरा लगभग 75 दिनों तक चलने वाला ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक पर्व है। अपनी विशिष्ट परंपराओं और जनजातीय संस्कृति के कारण यह आयोजन देश-विदेश के पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रहता है। इस दौरान बड़ी संख्या में पर्यटक जगदलपुर पहुंचते हैं, जिससे होटल, परिवहन, खानपान और अन्य स्थानीय व्यवसायों को लाभ मिलता है।
इस बीच होटल एसोसिएशन ने पर्यटकों की सुविधा के लिए वैकल्पिक परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। एसोसिएशन के अध्यक्ष जतिन जायसवाल ने कहा कि ओडिशा के कोरापुट से जगदलपुर के बीच विशेष बस सेवा शुरू करने की दिशा में प्रशासन को शीघ्र पहल करनी चाहिए। इससे रेलमार्ग प्रभावित होने के बावजूद पर्यटक सड़क मार्ग से बस्तर पहुंच सकेंगे।
श्री जायसवाल ने कहा कि बस्तर दशहरा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि क्षेत्र की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे अवसर पर परिवहन सुविधाओं में व्यवधान से पर्यटकों की संख्या और स्थानीय कारोबार प्रभावित होने की आशंका है। उन्होंने प्रशासन से ओडिशा के संबंधित अधिकारियों और परिवहन संचालकों के साथ समन्वय स्थापित कर वैकल्पिक व्यवस्था करने का आग्रह किया।
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