भुवनेश्वर , अगस्त 26 -- ओडिशा में बाढ़ और भारी बारिश की स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है, हालांकि लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए कई जिलों में स्थिति पर करीबी नजर रखी जा रही है।

राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (एसईओसी) के अनुसार, 13 से 26 अगस्त के बीच 10 जिलों, 91 ब्लॉकों और 604 ग्राम पंचायतों में करीब 13.50 लाख लोग बाढ़ और भारी बारिश से प्रभावित हुए हैं। बालेश्वर, भद्रक, जाजपुर, क्योंझर, मयूरभंज और केंद्रापड़ा जिलों में बढ़ते नदी जलस्तर, जलभराव, तटबंध टूटने और संपर्क बाधित होने की स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है।

प्रशासन के अनुसार फिलहाल स्थिति स्थिर है, लेकिन केंद्रापड़ा, भद्रक और जाजपुर जिलों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। एसईओसी की रिपोर्ट के मुताबिक, 26 अगस्त को समाप्त 24 घंटे में राज्य में औसतन 3.2 मिलीमीटर बारिश हुई। सबसे अधिक 49 मिलीमीटर बारिश संबलपुर जिले के बामरा ब्लॉक में दर्ज की गयी। पुरी के काकटपुर में 47 मिलीमीटर, राउरकेला नगर निगम क्षेत्र में 33.6 मिलीमीटर, मलकानगिरी के खैरपुट और भुवनेश्वर नगर निगम के उत्तर क्षेत्र में 33-33 मिलीमीटर बारिश हुई।

एक से 26 अगस्त के बीच राज्य में 347.7 मिलीमीटर बारिश हुई, जो सामान्य 298.6 मिलीमीटर से 16.4 प्रतिशत अधिक है। वहीं, एक जून से 26 अगस्त तक मानसून के दौरान राज्य में 1,103.9 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गयी, जो सामान्य 843 मिलीमीटर से 30.9 प्रतिशत अधिक है। राज्य के 21 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश हुई है, जबकि नौ जिलों में सामान्य बारिश दर्ज की गयी। किसी भी जिले में अब तक कम या अत्यंत कम बारिश नहीं हुई है।

फिलहाल तीन जिलों के नौ ब्लॉक बाढ़ से प्रभावित हैं। इनमें केंद्रापड़ा के पांच, भद्रक के दो और जाजपुर के दो ब्लॉक शामिल हैं। इन क्षेत्रों के 68 ग्राम पंचायतों के 189 गांवों में 80,284 लोग प्रभावित हुए हैं। प्रभावित लोगों के लिए 87 नि:शुल्क रसोई के जरिए पका हुआ भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। बाढ़ से करीब 1,02,481.5 हेक्टेयर कृषि भूमि, जिसमें धान की फसल भी शामिल है, प्रभावित हुई है।

बचाव और राहत कार्यों के लिए राज्य में 57 टीमें तैनात की गयी हैं। इनमें ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल (ओडीआरएएफ) की 21, एनडीआरएफ की एक, अग्निशमन एवं आपात सेवा की 33 तथा पुलिस, नागरिक सुरक्षा और स्थानीय स्तर की दो टीमें शामिल हैं।

क्योंझर के आनंदपुर में बैतरणी नदी के बाएं तटबंध तथा जाजपुर के तारापदा ग्राम पंचायत में बैतरणी-कानी नदी तंत्र के दाहिने तटबंध में हुए कटाव पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।

अब तक 41,761 लोगों को बचाया गया और 76,051 लोगों को नावों के जरिए सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। 775 अलग-थलग पड़े गांवों में संपर्क बहाल किया गया है, जबकि 215 लोगों को आपात चिकित्सा के लिए निकाला गया है। राहत एवं बचाव कार्यों में कुल 210 नावें लगायी गयी हैं।अधिकारियों के अनुसार, 8,611 नलकूप और 245 पाइप जलापूर्ति परियोजनाएं प्रभावित हुई थीं, जिनमें से 5,816 नलकूप और 144 परियोजनाओं को बहाल या विसंक्रमित कर दिया गया है। छह मोबाइल जल शोधन इकाइयां भी प्रभावित क्षेत्रों में तैनात की गई हैं। बाढ़ से करीब 73,495 बिजली उपभोक्ता प्रभावित हुए हैं और बिजली आपूर्ति बहाल करने का काम जारी है।

बाढ़ से 88 सड़कें और पुल प्रभावित हुए हैं। क्योंझर के तेलकोई ब्लॉक में 217 जिला और ग्रामीण सड़कों में से 104 तथा दो पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं। कुल 279 गांवों का संपर्क बाधित हुआ है, जहां वैकल्पिक संपर्क व्यवस्था की जा रही है।

क्योंझर के तेलकोई ब्लॉक में एनएच-49 भी प्रभावित हुआ है। बाढ़ से 5,60,356 पशु और 56,983 मुर्गियां प्रभावित हुई हैं।

विशेष राहत आयुक्त राजेश प्रभाकर पाटिल ने कहा कि राज्य में कहीं भी बचावकर्मियों, भोजन, सुरक्षित पेयजल, दवाओं या राहत सामग्री की कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर प्रशासन अतिरिक्त संसाधन जुटाने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने लोगों से सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करने और जान-माल की सुरक्षा के लिए आवश्यक सावधानी बरतने की अपील की।

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