भुवनेश्वर , अप्रैल 28 -- ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने मंगलवार को कहा कि राज्य तेजी से डिजिटल स्मार्ट ऊर्जा प्रबंधन की दिशा में आगे बढ़ रहा है और मंचेश्वर स्थित नया स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर (एसएलडीसी) राज्य की विद्युत प्रबंधन प्रणाली का "हृदय" बनेगा।

श्री माझी ने कहा कि तकनीक आधारित आधारभूत संरचना उन्नयन के जरिए राज्य का ऊर्जा क्षेत्र बड़े बदलाव से गुजर रहा है, जिससे औद्योगिक विस्तार और उपभोक्ता मांग दोनों को मजबूती मिलेगी। उन्होंने बताया कि स्टैम्स (स्टैम्स) परियोजना के तहत राज्य के 70 ग्रिड स्टेशनों का दूरस्थ संचालन किया जाएगा, जिससे फौरन तकनीकी खराबियों का पता लगाकर उनका त्वरित समाधान संभव होगा। इससे विशेषकर क्योंझर जैसे औद्योगिक दृष्टि से महत्वपूर्ण जिलों में बिजली पारेषण प्रणाली और मजबूत होगी।

श्री माझी ने कहा कि 2000 में ओडिशा में जहां केवल 16 लाख बिजली उपभोक्ता थे, वहीं अब यह संख्या एक करोड़ से अधिक हो चुकी है। बढ़ती मांग को देखते हुए वर्ष 2036 तक 34 नए ग्रिड सबस्टेशन स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने यह भी घोषणा की कि भुवनेश्वर, जाजपुर, झारसुगुड़ा और गजपति में पहली बार 765 केवी ग्रिड प्रणाली शुरू की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ओडिशा पावर ट्रांसमिशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड हॉटलाइन रखरखाव तकनीक लागू करेगा, जिससे बिजली की लाइनों की मरम्मत बिना बिजली आपूर्ति बाधित किये की जा सकेगी।

उत्कल गौरव मधुसूदन दास जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री ने क्योंझर जिले के बर्बिल क्षेत्र के उच्छबली में 1,647 करोड़ रुपये की लागत वाली 420/220 केवी ग्रिड सबस्टेशन परियोजना की आधारशिला रखी। उन्होंने इसे खनिज संपन्न क्योंझर को औद्योगिक शक्ति केंद्र में बदलने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए पूर्वी भारत का "दूसरा जमशेदपुर" बनाने की अपनी परिकल्पना दोहराई।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने उच्छबली परियोजना से जुड़ी पांच नई ट्रांसमिशन लाइनों का भी उद्घाटन किया। परियोजना के पूरा होने पर क्योंझर सदर, तेलकोई, झुम्पुरा, जोड़ा और बर्बिल क्षेत्र के लगभग 7.17 लाख उपभोक्ताओं को लाभ मिलने की उम्मीद है।

उन्होंने कहा कि 400 केवी एलआईएलओ लाइन, टीटीपीएस-जोड़ा तथा तुरुमुंगा-रायरंगपुर ट्रांसमिशन लाइनों के माध्यम से क्षेत्र को अधिक सुदृढ़ और संतुलित विद्युत नेटवर्क से जोड़ा जाएगा, जिससे घरेलू और औद्योगिक जरूरतों के बीच संतुलित बिजली वितरण सुनिश्चित होगा।

मुख्यमंत्री ने बारबिल रिंग रोड परियोजना की प्रगति की भी समीक्षा की और क्योंझर में एक मेगा स्टील प्लांट स्थापित करने की योजना का खुलासा किया। उन्होंने कहा कि जापान की प्रमुख कंपनी जेएफई स्टील को जिले में भविष्य की इलेक्ट्रिकल स्टील उत्पादन इकाई स्थापित करने के लिए आमंत्रित किया गया है।

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