भुवनेश्वर , जनवरी 20 -- ओडिशा सरकार ने ढेंकनाल जिले के जोरंडा में महिमा मंदिर परिसर में एक नया और भव्य मंदिर बनाने की घोषणा की है।
गौरतलब है कि महिमा मंदिर को शून्य मंदिर के नाम से भी जाना जाता है और महिमा धर्म का मुख्य केंद्र है, जो एक आध्यात्मिक परंपरा है जो सादा जीवन, समानता और मानवता के कल्याण पर जोर देती है। प्रस्तावित विकास के हिस्से के रूप में मौजूदा शून्य मंदिर को उसके वर्तमान स्वरूप में संरक्षित रखा जाएगा, जबकि उसके ऊपर एक नई, शानदार मंदिर संरचना बनाई जाएगी।
मुख्य सचिव अनु गर्ग ने मंगलवार को महिमा मंदिर परिसर के व्यापक विकास पर चर्चा को लेकर आयोजित बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान उन्होंने कहा कि इस परियोजना का उद्देश्य स्थल की पवित्रता और ध्यात्मिक सार को बनाए रखते हुए धार्मिक बुनियादी ढांचे को बढ़ाना है। बैठक में अखंड ज्योति मंदिर, भजन मंडप, प्रार्थना कक्ष, पुष्करिणी (पवित्र तालाब) सहित संबंधित सुविधाओं के विकास और मंदिर परिसर के समग्र सौंदर्यीकरण की योजनाओं की भी समीक्षा की गयी। इसके अलावा रसोई घर बनाने, तीर्थयात्रियों के रहने की जगह और वाहनों को खड़ा करने के लिए पर्याप्त जगह की व्यवस्था करने के मुद्दे पर चर्चा हुई।
कार्य विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार सिंह ने मुख्य सचिव को बताया कि विकास का खाका मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के निर्देशों के अनुसार तैयार किया गया है। उन्होंने बताया कि महिमा धर्म के संतों और अनुयायियों के साथ व्यापक विचार-विमर्श के बाद योजना को अंतिम रूप दिया गया है।
श्री सिंह ने बताया कि यह परियोजना तीन साल के भीतर पूरी होने की उम्मीद है और इससे राज्य में धार्मिक पर्यटन को काफी बढ़ावा मिलेगा।
बैठक में ढेंकनाल जिले के कलेक्टर आशीष ईश्वर पाटिल, अन्य पिछड़ा वर्ग समिति (ओबीसीसी) के प्रबंध निदेशक अमीर होता और विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
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