भुवनेश्वर , अगस्त 10 -- ओडिशा में दो किसानों ने सोमवार को सार्वजनिक जनसुनवाई के दौरान जहर खाकर आत्महत्या करने की कोशिश की।
केंद्रपाड़ा जिले की राजनगर तहसील में यह घटना तब हुई जब जिला कलेक्टर रघुराम आर. अय्यर जनसुनवाई की अध्यक्षता कर रहे थे और तहसील के निवासियों की याचिकाओं को सुन रहे थे। तालचुआ के गणेश चंद्र मंडल और ढोलामारा गांव के रामकृष्ण मंडल ने अचानक जहर खाकर आत्महत्या का प्रयास किया। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तुरंत हस्तक्षेप किया और दोनों को यह कदम उठाने से रोक लिया।
बताया जाता है कि दोनों किसानों ने इससे पहले कई बार अधिकारियों से संपर्क किया था और आरोप लगाया था कि क्षेत्र में अवैध झींगा पालन गतिविधियों के कारण उनकी फसल को भारी नुकसान हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि झींगा फार्मों से निकलने वाला दूषित पानी निकटवर्ती कृषि खेतों में बह रहा था, जिससे मिट्टी और फसलों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था और खेत की पैदावार में भारी गिरावट आ रही थी।
पीड़ित किसानों ने कहा, "हम अपनी शिकायतों के निवारण के लिए कलेक्टर से लेकर प्रभागीय वन अधिकारी तक, दर-दर भटके। लेकिन हमारे सारे प्रयास व्यर्थ साबित हुए। समृद्ध झींगा किसान बिना किसी सजा के बच गये, क्योंकि अधिकारियों ने कथित तौर पर उनके साथ सांठगांठ की। अंतिम उपाय के रूप में, हमने अपना जीवन समाप्त करने का निर्णय लिया।"श्री अय्यर ने कहा कि किसानों की शिकायतों की जांच की जा रही है और प्राथमिकता के आधार पर उनका समाधान किया जायेगा।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित