भुवनेश्वर , अक्टूबर 22 -- मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की ओडिशा राज्य समिति ने कालाहांडी और रायगड़ा में वर्षों से आदिवासी समुदायों की सेवा कर रहे चिकित्सक डॉ. रैंडल सेकुरा और दलित युवा नेता लक्ष्मण नाइक की तत्काल रिहाई की मांग करते हुए आरोप लगाया है कि उनकी गिरफ्तारियां इस क्षेत्र में खनन परियोजनाओं का विरोध करने वालों के दमन को दर्शाती हैं।
पार्टी ने एक बयान में कहा कि इन दोनों को 16 अक्टूबर की रात हिरासत में लिया गया और अगले दिन गिरफ्तार कर लिया गया। माकपा ने उनकी गिरफ्तारी की परिस्थितियों, उनके परिवारों को कथित तौर पर सूचित न करने और उन पर गंभीर धाराओं के तहत मामले दर्ज करने पर सवाल उठाये हैं।
माकपा ने आरोप लगाया कि सिजीमाली में वेदांता और कुतरुमाली में अदाणी समूह से जुड़ी खनन परियोजनाओं का विरोध करने वाले आदिवासियों, दलितों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को लगातार दमन का सामना करना पड़ रहा है। पार्टी ने दावा किया कि 100 से अधिक लोग जेल में बंद हैं और कई अन्य लोगों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं।
पार्टी ने इन मामलों को 'झूठे और राजनीति से प्रेरित मामले' करार देते हुए उन्हें वापस लेने, प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई समाप्त करने और इस साल 6-7 अप्रैल को कांटामाल में हुई पुलिस कार्रवाई व हालिया गिरफ्तारियों की निष्पक्ष न्यायिक जांच की मांग की है।
पार्टी ने आदिवासी भूमि, जंगलों, आजीविका और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा का आह्वान करते हुए जोर दिया कि पांचवीं अनुसूची, पेसा कानून और वन अधिकार अधिनियम का सम्मान किया जाना चाहिए। माकपा ने कहा कि आवश्यक कानूनी मंजूरी और ग्राम सभा की सहमति के बिना खनन परियोजनाओं को आगे नहीं बढ़ाया जाना चाहिए।
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