भुवनेश्वर , सितंबर 11 -- ओडिशा सरकार ने राज्य के किसानों, किसान उत्पादक संगठनों और महिला स्वयं सहायता समूहों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से एक आधुनिक 'राइस एंड मिलेट (चावल एवं श्रीअन्न) फैक्टरी' स्थापित करने की महत्वाकांक्षी योजना तैयार की है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य राज्य की स्वदेशी अनाज किस्मों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी ब्रांड के रूप में स्थापित करना है।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह प्रस्तावित फैक्टरी इन संगठनों और समूहों के मालिकाना हक और भागीदारी वाली एक किसान-संचालित परियोजना होगी, जिसे निजी संस्थाओं और शोध संस्थानों का सहयोग प्राप्त होगा। इस योजना को अंतिम रूप कृषि एवं किसान सशक्तिकरण मंत्री के. वी. सिंह देव और मिशन शक्ति मंत्री की उपस्थिति में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में दिया गया। इस बैठक में फिलीपींस स्थित अंतरराष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. नेसे श्रीनिवासुलु सहित वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

इस परियोजना के तहत स्वास्थ्यवर्धक और उच्च उपज वाली पारंपरिक चावल किस्मों की खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। अब तक 29 स्वदेशी चावल किस्मों का ग्लाइसेमिक इंडेक्स, प्रोटीन सामग्री, मिलिंग दक्षता, सुगंध और बनावट जैसे मानकों पर विस्तृत मूल्यांकन किया जा चुका है।

प्रस्तावित फैक्टरी में विशेष चावल किस्मों के प्रसंस्करण के लिए अलग-अलग इकाइयां होंगी। एक रॉ राइस यूनिट कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स और 'कालाजीरा' किस्मों को संसाधित करेगी, जबकि एक विशेष 'ब्लैक राइस यूनिट' के जरिए निर्यात बाजारों के लिए उत्पाद तैयार किए जाएंगे।

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