भुवनेश्वर , सितंबर 11 -- ओडिशा के मयूरभंज जिले के बारीपदा में सतर्कता विभाग ने अनुसूचित जाति/जनजाति विकास विभाग के दो ऑडिटर्स को हिरासत में लेकर उनके पास से 14.38 लाख रुपये की नकदी जब्त की है।

गौरतलब है कि इन ऑडिटर्स पर आश्रम स्कूलों और छात्रावासों के ऑडिट के बदले हर नामांकित छात्र से 10 रुपये की रिश्वत मांगने का गंभीर आरोप लगा है। सतर्कता विभाग के अधिकारियों ने विश्वसनीय जानकारी मिलने पर गुरुवार देर रात इन ऑडिटर्स को तब रोका जब वे ऑडिट का काम पूरा करने के बाद जिला कल्याण पदाधिकारी (डीडब्ल्यूडी) के कार्यालय की गाड़ी से डीडब्ल्यूओ कार्यालय से अपने होटल जा रहे थे। अधिकारियों को उनके पास के 52 लिफाफों और 20 खुले बंडलों में 5.51 लाख रुपये मिले।

सतर्कता विभाग ने बताया कि ऑडिटर्स इस नकदी के बारे में संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। उनके होटल के कमरों की तलाशी लेने पर 8.87 लाख रुपये और मिले, जिससे कुल जब्ती 14.38 लाख रुपये हो गई। नकदी को लिफाफों में पैक करके रखने का मामला इसलिए अहम है क्योंकि सतर्कता विभाग को शिकायतें मिली थीं कि ऑडिटर्स ऑडिट को आसानी से पूरा करने के लिए प्रधानाध्यापकों और छात्रावास प्रभारियों से हर पंजीकृत छात्र के लिए 10 रुपये की मांग कर रहे थे। सतर्कता विभाग के अनुसार उन्हें रोकने से पहले इन आरोपों की पुष्टि कर ली गई थी।

ये दोनों 30 अगस्त से बारीपदा में जिला कल्याण कार्यालय का ऑडिट करने के लिए रुके हुए थे और इसके बाद उन्होंने अनुसूचित जाति/जनजाति विभाग के तहत आने वाले आश्रम, सेवाश्रम, उच्च और उच्च माध्यमिक स्कूलों और छात्रावासों का निरीक्षण किया था। बताया जाता है कि उन्होंने प्रधानाध्यापकों और छात्रावास प्रभारियों को जांच के लिए स्कूल और छात्रावास के रिकॉर्ड बारीपदा लाने का निर्देश दिया था।

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