भुवनेश्वर , जुलाई 03 -- चुनाव आयोग ने ओडिशा में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की निगरानी के लिए 10 वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को मतदाता सूची पर्यवेक्षक (ईआरओ) नियुक्त किया है।
ओडिशा के अपर मुख्य चुनाव अधिकारी एवं विशेष सचिव सुशील कुमार मिश्र के जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, प्रत्येक प्रेक्षक को विशिष्ट जिले सौंपे गये हैं और वे नियमित रूप से जमीनी दौरों के माध्यम से पुनरीक्षण प्रक्रिया की निगरानी करेंगे।
प्रेक्षकों को निर्देश दिया गया है कि वे पुनरीक्षण कार्य के दौरान अपने अधिकार क्षेत्र वाले जिलों का कम से कम तीन बार दौरा करें। उन्हें जिला मुख्यालयों से आगे बढ़कर विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों के मतदान केंद्रों का निरीक्षण करने को भी कहा गया है, ताकि पुनरीक्षण कार्य की प्रगति का सटीक आकलन किया जा सके।
अपने दौरे में प्रेक्षक पुनरीक्षण की प्रगति की समीक्षा करने और उनकी चिंताओं को दूर करने के लिए सांसदों, विधायकों और मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठकें करेंगे। आम जनता भी इन प्रेक्षकों से मिलकर मतदाता सूची से संबंधित अपनी शिकायतें या सुझाव सौंप सकेगी। जनता के साथ संवाद को आसान बनाने के लिए प्रेक्षकों के दौरा कार्यक्रमों के साथ-साथ उनके टेलीफोन और मोबाइल नंबरों का उन जिलों में व्यापक प्रचार-प्रसार किया जायेगा, जहां उनकी तैनाती की गयी है।
दिशा-निर्देशों में यह भी प्रावधान है कि जिन विधानसभा क्षेत्रों में मतदाताओं के नाम जोड़ने या हटाने की दर जिला औसत से एक प्रतिशत से अधिक होगी या जिस किसी भी चुनाव क्षेत्र में यह अंतर तीन प्रतिशत से अधिक होगा, वहां प्रेक्षक जिला चुनाव अधिकारियों की सौंपी गरिपोर्टों की व्यक्तिगत रूप से जांच करेंगे और विसंगति के कारणों का सत्यापन करेंगे।
अपने क्षेत्र निरीक्षण को पूरा करने के बाद, प्रेक्षक ओडिशा के मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) को विस्तृत रिपोर्ट सौंपेंगे।
मुख्य चुनाव अधिकारी ने इस बात पर जोर दिया है कि पुनरीक्षण कवायद में यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि कोई भी योग्य मतदाता सूची से बाहर न छूटे, किसी भी अयोग्य व्यक्ति का नाम इसमें शामिल न हो और पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी तथा विश्वसनीय तरीके से पूरी की जाए।
इस बीच गणना प्रपत्रों के वितरण और संग्रह का काम पूरा होने के बाद, 'विशेष गहन पुनरीक्षण-2026' के तहत मतदाता सूची का प्रारूप पांच जुलाई को प्रकाशित किया जायेगा।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि दावे और आपत्तियां पांच जुलाई से चार अगस्त तक दर्ज करायी जा सकती हैं। मतदाता सूची में अपना नाम शामिल कराने के इच्छुक पात्र नागरिक फॉर्म-6 जमा कर सकते हैं, जबकि नाम हटवाने के लिए फॉर्म-7 का उपयोग किया जा सकता है। मतदाता विवरण में प्रविष्टियों को सुधारने या अन्य संशोधनों के लिए फॉर्म-8 भरा जा सकता है।
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